बलिया में बंदूक व्यापारी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जगह जगह दबिश दे रही है।
सिर्फ बलिया ही नहीं बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, लखनऊ में तक पुलिस छानबीन कर रही है। लेकिन आरोपी अब भी फरार है। वहीं रसूखदार आरोपी हाईकोर्ट से राहत पाने की जुगाड़ में लगे हैं। आरोपियों के परिवार भी अंडर ग्राउंड हो गए हैं। वहीं पुलिस के दबाव के चलते सूदखोर के नेपाल के रास्ते विदेश जाने की भी चर्चा है।
सूदखोरी का व्यवसाय को संरक्षण देने वाले सफेदपोशों को पुलिस ने आरापितों को जल्द हाजिर होने की चेतावनी दी है जिसके बाद से छोटे-बड़े सब सूदखोर सहम गए हैं। व्यापारी का मामला व निकाय चुनाव सिर पर होने के कारण सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। यही कारण है कि पहली बार किसी मामले में सूदखोर नामजद हुए हैं। राजधानी से मामले पर नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि शहर में सूदखोरों के नाम से कई कॉलोनियां और आवासीय-वाणिज्य भवन हैं। किसी का लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन नहीं हैं। शहर के भृगुआश्रम, टाउनहाल, बहादुरपुर सहित अन्य क्षेत्र में आरोपियों की सूची में शामिल सूदखोरों के नाम से कालोनी, होटल, लाज व माल बने हुए हैं। आत्महत्या मामले में नाम आने के बाद कई कारोबारों पर ताला लटका हुआ है। बिना पंजीकरण व टैक्स दिए हर वर्ष लाखों-करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। ऐसे में अब इन सूदखोरों पर कार्रवाई करना बेहद आवश्यक हो गया है।
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