बलिया– बीते दिनों सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा और प्रदेश सरकार से खुद को अलग कर लिया था.
उनका कहना था कि यूँ तो चुनाव के दौरान भाजपा ने तमाम दलों से गठबंधन किया था. लेकिन अब सत्ता में आने के बाद सहयोगी दलों को किनारे लगाया जा रहा है और अनदेखा किया जा रहा है. बहरहाल, लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र ओम प्रकाश राजभर ने पूर्वांचल में कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. इसी क्रम में बलिया से विनोद तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया था.
लेकिन लगता है कि बलिया के भाजपा के कार्यकर्ताओं को शायद अभी तक इस बात का इल्म नहीं है. बता दें कि भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह मस्त के पोस्टर्स पर ओम प्रकाश राजभर की फोटो लगी हुई है. जिसके बाद सियासी पारा और चढ़ गया है. इसकी वजह से बलिया में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है. वहीँ दूसरी तरफ ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविन्द राजभर ने इसे साजिश बताया है.
उनका कहना है कि ऐसा करके भाजपा हमारे लोगों में भ्रम पैदा कर चुनावी लाभ लेने की फिराक में है. उन्होंने यह भी बताया है कि इसकी शिकायत चुनाव आयोग से कर दी गई है और हमें उम्मीद है कि आयोग इस मामले की जाँच करने जल्द से जल्द कार्यवाही करेगा.
वहीँ दूसरी तरफ इस प्रकरण में वीरेंद्र सिंह मस्त के लोगो का कहना है कि उनका इस पोस्टर्स से कोई लेना देना नहीं है. हमें तो इस पोस्टर के बारे में दुसरे लोगों से पता चला है. यह पोस्टर्स हमारे किसी कार्यकर्ता ने अपनी तरफ से लगा दिया होगा. इसे पार्टी का आधिकारिक निर्णय तो माना नहीं जा सकता है. और न ही पार्टी ने इसे जारी किया है.
इसके अलावा खुद को इससे अलग करते हुए भाजपा की जिला संगठन का कहना है कि अगर ओम प्रकाश राजभर को भाजपा से इतनी ही दिक्कत है तो वह सरकार से खुद को अलग करके मंत्री पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे देते?
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