प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त देने के बावजूद शहरी लाभार्थी काम शुरु नहीं कर सके हैं। इसकी रिपोर्ट आने के बाद जिला नगरीय विकास अभिकरण की ओर से ऐसे लाभार्थियों को नोटिस जारी किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भवन निर्माण का काम नहीं कराने वाले लाभार्थियों से पैसे की रिकवरी भी की जायेगी।
ग्रामीण इलाकों की तर्ज पर शहरी पात्र व्यक्तियों को आवास निर्माण के लिये डूडा की ओर चयन किया जाता है। मानक पर खरा उतरने वाले लाभर्थियों को तीन किस्तों में कुल करीब ढाई लाख रुपये दिये जाते हैं। काम शुरु करने के लिए पहली किस्त के रुप में 50 हजार रुपये दिया जाता है। फाउंडेशन (नींव ) तैयार होने के बाद एक मुश्त करीब डेढ़ लाख रुपये डूडा की ओर से दी जाती है।
इसके बाद मकान बनकर तैयार होने के बाद फिनिशिंग के लिए अंतिम किस्त के रूप में 50 हजार रुपये उपलब्ध कराया जाता है। सूत्रों की मानें तो कई लोग पहली तो कुछ दूसरी किस्त लेने के बाद मकान निर्माण का काम लटका देते हैं। ऐसे में डूडा की ओर से इसका सर्वे कराया जाता है। जीयोटैग के बाद जारी किस्त मिलने के बावजूद काम नहीं कराने वाले करीब 63 लाभार्थियों को नोटिस भेजा गया है। इनमें 43 लोग ऐसे हैं जिनको पहला किस्त जारी हो चुका है।
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