बलिया डेस्क : बलिया के बुज़ुर्ग दंपत्ति ने इस उम्र में कोरोना को मात दे दी है. जिसपर एक बार तो विश्वास नहीं हो रहा. वह भी तब जब बलिया प्रशासन ने अपने हाथ खड़े कर लिए थे. आपको बता दें कि अमृत पाली के रहने वाले रमाकांत वर्मा की उम्र है 95 साल और उनकी पत्नी लीलावती देवी 90 साल की हैं.
22 जुलाई को जब एंटीजेन टेस्ट किया गया तो पता चला कि इनके परिवार के चार को कोरोना पाजिटिव हैं. जिसमे इनके छोटे बेटे, उनकी बीवी और बड़े बेटे के दोनों लड़के शामिल थे. इसके बाद बुज़ुर्ग दंपत्ति ने खुद को परिवार के साथ आइसोलेट कर लिया. इसके दो दिन बाद प्रशासन को होश आया और बुज़ुर्ग दंपत्ति को बसंतपुर के एल-वन हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन वहां स्टाफ और सुविधा के अभाव का हवाला देकर उन्हें वापस कर दिया गया.
भर्ती करने के बाद प्रशासन ने बुज़ुर्ग दंपत्ति को घर पर छोड़ दिया. इसके पांच दिन बाद एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की टीम बुज़ुर्ग दंपत्ति के घर पहुंची और खुद को आइसोलेट किये हुए इन लोगों को आजमगढ़ के एल-टू हॉस्पिटल में भर्ती कराया. लापरवाही की हद यह रही कि वहां पांच दिन रखने के बाद बिना कोई जांच किये बुज़ुर्ग दंपत्ति को डिस्चार्ज कर दिया गया.
अस्पताल में रखने के दौरान न तो इन्हें कोई दवा दी गयी और न ही कोई और बुनियादी सुविधा. खैर, अपने राज्य और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की ऐसी लापरवाही और बदहाली देखने के बावजूद बुज़ुर्ग दंपत्ति ने हार नहीं मानी और अस्पताल से आने के बाद इन लोगों ने ने खुद को 14 दिनों तक होम क्वारंटीन रखा.
बाद इसके जब उनकी दोबारा कोरोना जांच हुई तो रिपोर्ट निगेटिव आई. बुज़ुर्ग दंपत्ति ने बताया कि बसंतपुर अस्पताल में सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है. वहां इलाज के नाम पर सिर्फ लापरवाही हो रही है. उन्होंने बताया कि वहां न तो कोरोना मरीजों को कोई दवा दी जा रही है और न ही पीने को काढ़ा.
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