बलिया। जिला कारागार में अपने पति से मिलने के दौरान जहर खाने वाली नीलम की आज मौत हो गई। उसकी मौत के बाद घटना से जुड़े कई राज दफन हो गए, जिनपर से पर्दा उठाना पुलिस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित होगा। इस मामले में पुलिस के सामने एक और मुश्किल है, वो है नीलम का अंतिम संस्कार। गुरवार को परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया, जिससे शव को पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ। बता दें कि मृतका का दूसरा पति अभी वाराणसी में भर्ती है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार को बांसडीह रोड़ थाना क्षेत्र निवासी नीलम अपने दूसरे पति सूरज साहनी से मिलने जिला कारागार गई।दोनों ने वहां जहर से सना बिस्कुट खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में वाराणसी रेफर किया गया, इलाज के दौरान नीलम की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 23 वर्षीय नीलम के पिता मनोज साहनी सराया गांव निवासी हैं. वह 25 सालों से अहमदाबाद रहकर नौकरी कर रहे थे। नीलम की परवरिश भी वहीं हुई। नीलम का ननिहाल हल्दी थाना क्षेत्र के हासनगर में है।
जहां उसका आना-जाना लगा रहता था।इस दौरान वहां रहने वाले सूरज से नीलम का प्रेम हो गया। परिजनों को पता लगा तो उन्होंने आज से करीब 9 साल पहले नीलम की शादी फेफना के तीखा गांव निवासी पप्पू साहनी से कर दी।शादी के 5 सालों तक नीलम पति के साथ रही लेकिन दोनों का विवाद चलता रहा। इसी बीच उसने पति को छोड़कर प्रेमी सूरज से शादी कर ली।लेकिन सूरज ने बारात में मोबाइल छिनने के विवाद में अपने चचरे भाई बादल साहनी की हत्या कर दी। इसमें उसके पिता और दो अन्य भाई भी आरोपी बने, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार जेल भेज दिया और फिलहाल सभी जेल में बंद हैं।
नीलम की मौत के बाद पहले पति ने शव लेने से इनकार कर दिया। चाचा भी साफ मना कर चुके हैं।जांच पड़ताल की प्रक्रिया के बाद मिलाई के लिए बंदियों के परिजनों को मिलाई के लिए अंदर जाने की व्यवस्था होने के उपरांत भी अंदर खाद्य सामग्री(बिस्कुट) में विषाक्त पदार्थ मिलाकर सूरज की पत्नी नीलम द्वारा लेकर जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है।आखिर नीलम और उसके दूसरे पति ने जेल में जहर क्यों खाया। इस बात की चर्चा गांव में बनी हुई है। जहर सना बिस्किट नीलम लेकर आई थी लेकिन अब उसकी मौत के बाद घटना के राज दफ्न हो गए हैं। पूरी घटना को लेकर पुलिस उलझी नजर आ रही है।