बलिया में आम जनता ही नहीं शहीदों के परिवारों को भी सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। बेल्थरा रोड तहसील के चरौंवा गांव में देश की आजादी के लिए अपनी जान देने वाले शहीद खर बियार के पौत्र दिनेश बियार को आवास योजना से वंचित कर दिया गया है। गंवई राजनीति के चलते वह आशियाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
आज़ादी के बाद ‘योजना’ की लड़ाई- दिनेश बियार का कहना है कि हमारे बाबा ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन आज तक हम लोगों को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलीं। कहा कि जब मेरे दोनों बच्चे पुत्री अनु (19 वर्ष) और पुत्र अरविंद (17 वर्ष) के थे, तभी मेरी पत्नी का निधन हो गया। मड़ई में ही रहकर मैंने मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण किया। कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की जब शुरुआत हुई तो लगा कि इस योजना का लाभ मिलेगा, लेकिन आज भी मुझे एक छत के लिए भटकना पड़ रहा है।
प्रधान ने की शिक्षा की व्यवस्था- वहीं प्रधान देवेंद्र यादव ने बताया कि 2020 में आवास के लिए 722 लोगों की लिस्ट बनी थी। इसमें इनका नाम भी शामिल था। लेकिन गंवई राजनीति के चलते अंत में जारी 169 लोग का नाम इस लिस्ट से विलुप्त कर दिया गया। साथ ही बताया कि दरियापुर स्थित मणिन्द्रनाथ इंटर कॉलेज का मैं प्रबंधक भी हूं, जहां मैंने दिनेश बियार के पुत्र अरविंद की शिक्षा का नि: शुल्क प्रबंध किया है।
बता दें चरौंवा गांव के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 15 अगस्त को शहीद स्तंभ पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन अमर शहीदों में शामिल खर बियार के पौत्र दिनेश बियार आज भी एक छत के लिए भटक रहे हैं। देश इस बार आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे है। ऐसे में शहीदों के परिवार की ये हालत कई सवाल खड़े करती है।
फोटो- दैनिक भास्कर
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