बलिया की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सिकंदरपूर में चकबंदी प्रक्रिया काफी लंबे समय से लंबित है। इसका फायदा उठाकर दबंग भूमाफियाओं के द्वारा कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलीभगत करके चकों के निर्माण को लेकर धांधली की जा रही है।
ऐसे में किसान अखंड प्रताप सिंह सहित दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी,चकबंदी आयुक्त, मंडलायुक्त से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूर ग्राम पंचायत की चकबंदी प्रक्रिया में की जा रही धांधली में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पत्र में किसानों ने लिखा है कि चकबंदी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा भू माफियाओं एवं दबंगो के मिलीभगत से जोत चकबंदी आकार पत्र 11 का 10 नम्बर जल्द ही गायब कर दिया गया है।
इसमें नवीन परती, पोखरा, कब्रिस्तान आदि का रिकॉर्ड रहता है। चकबंदी अधिकारी सिकंदरपुर कार्यालय में दलालों का जमावड़ा लगा रहता है। इनकी मिलीभगत से सरकारी कागजों के कूटरचित तरीके से अभिलेख में संशोधन किया जा रहा है। इनके द्वारा गलत तरीके से पैमाइस और कब्जा कराया जा रहा है।
भू माफियाओ के दबाव में पूर्व में एसओसी स्तरपर बने चको में से सन्दर्भ के द्वारा चकरोड आदि बनवाकर शेष बचे मालियत को सड़क के किनारे अथवा गांव के नजदीक के मंहगे चको और बचत के भूमि पर चकबंदी अधिकारी सिकंदरपूर से नियमविरुद्ध नए चकों का निर्माण कर उसे महंगे दामो पर बेचा जा रहा है।
ऐसे दर्जनों शिकायते किसानों ने पत्र के माध्यम से उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री को प्रेषित करते हुए अविलंब उच्चस्तरीय जाँच की मांग करते हुए गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि चकबंदी अधिकारी सिकंदरपूर किसी भी किसान की शिकायतों को नही सुन रहे हैं।
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