बलिया: गंगा उस पार नौरंगा पुल का निर्माण अभी भी अधूरा पड़ा है। पुल बनाने की डेडलाइन 2 माह पहले ही बीत चुकी है लेकिन अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। कार्यदायी संस्था कछुआ चाल से काम कर रही है। अब तक पीपा जोड़ने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।
वैसे तो नौरंगा पीपा पुल को 15 नवम्बर तक चालू हो जाना चाहिए था। लेकिन जनवरी तक भी पुल बनकर तैयार नहीं हुआ। नौरंगा पीपा पुल गंगा उस पार यूपी के गांवों के साथ ही बिहार को जोड़ता है। इस पुल के न बनने से बैरिया तहसील के गंगा पार के नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की, उपाध्याय टोला की करीब 25 हजार की आबादी के साथ ही नदी इस पार के पांडेयपुर, जगदेवा, दयाछपरा, उदयीछपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला, गंगौली, श्रीनगर आदि गांवों के हजारों की आबादी को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अब यह परेशानी आम नागरिकों के साथ अधिकारियों को भी झेलनी पड़ेगी। क्योंकि एक माह बाद चुनाव होना है। ऐसे में गंगा उस पार गांवों में 6 बूथ बनते हैं। लिहाजा पुल से ही आवागमन होता है। लेकिन अब तक पुल न बनने से कोई भी अधिकारी कर्मचारी गांवों में नहीं पहुंचे हैं।
पीपा पुल न बनने से प्रभावित गांवों के किसानों का कहना है कि कटान के कारण नदी इस पार के किसानों के हजारों एकड़ खेत नदी उस पार चला गया है। बाढ़ के कारण खरीफ की फसल तो नष्ट हुई ही, पुल के अभाव मे संसाधन नहीं पहुंच पाने के कारण उनकी रबी की बुआयी भी बाधित हो गयी। अब ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ेगा है और नाविक मनमाना किराया वसूलते हैं। 25 से 30 किमी का अधिक यात्रा करनी पड़ती है। यहां के बच्चों की पढ़ाई भी ठप्प पड़ी है। क्योंकि पुल न होने से बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते।
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