बलिया में डॉक्टर्स की लापरवाही की वजह से एक बालिका की मौत हो गई। जहाँ वक्त पर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन नहीं मिलने से बालिका की मौत हुई। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही लापरवाह स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। बता दें बिना एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन दिए बालिका को रेवती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किया था। और जिला अस्पताल पहुँचने तक बालिका की मौत हो गई थी।
मामला रेवती थाना क्षेत्र का है, जहाँ हडियाकला गांव निवासी लालजी गुप्ता की बेटी रुचि (10) को किसी विषैले जंतु ने डंस लिया था। जिसके लेकर उसके पिता सीएचसी रेवती पहुंचे। जहां इमरजेंसी में तैनात डॉ. राहुल कुमार ने बच्ची का पैर धुलवाया। कहीं सर्पदंश का चिह्न नहीं दिखाई देने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालत गंभीर होने पर निजी वाहन से ले जाने को भी कहा। ऐसे में परिजन बाइक से ही बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिससे परिजनों में कोहराम है।
इधर मामले में सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाने के लिए यूनिट (टीम) होती है। जब तक पुष्टि न हो जाए तब तक इंजेक्शन नहीं लगाया जा सकता। परिजन भी सर्पदंश की पुष्टि मौके पर नहीं कर सके। बालिका की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था।
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