बलिया डेस्क : कोरोनाकाल (Corona) के बीच अब बलिया (Ballia ) वालों के लिए एक नई आफत सामने आ गयी है. दरअसल घाघरा नदी (Ghaghra River) का पानी लगातार बढ़ रहा है और जलस्तर में वृद्धि हो रही है. ऐसे में नदी से सटे तमाम गावों में बाढ़ आने का ख’तरा बढ़ गया है. लोगों की परेशानी भी बढती जा रही है. वहीँ गुरुवार को दो बजे तक जलस्तर 63.810 मीटर दर्ज किया गया. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार हर एक घंटे में नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को जलस्तर 63.810 मीटर था जोकि खतरे के निशान से महज़ 20 सेंटीमीटर कम है. आपको बता दें कि लाल निशान यहाँ 64.010 है.
ऐसे में आयोग का अनुमान है कि आने वाले 24 घंटे में जलस्तर में काफी इजाफा हो सकता है. लगातार हो रहे जलस्तर में इजाफे की वजह से नदी का पानी तुर्तीपार के दलित और मल्लाह बस्ती में बढ़ता जा रहा है. गुलौरा गांव में भी पानी बढ़ता जा रहा है. वहीँ इसके साथ साथ तुर्तीपार से लेकर चैनपुर, हल्दीरामपुर और मुजौना जैसे तमाम इलाके में कृषि योग्य भूमि नदी के पानी की धारा से कटती हुई बहती जा रही है. कटान काफी तेज़ी से हो रहा था लेकिन प्रशासन द्वारा उठाये गए कदम से कटान में कमी ज़रूर आई है.
टीएस बंधे तक अब पानी पहुँच चुका है. नदी के बढ़ते स्तर और कटान की वजह से सबसे ज्यादा नुक्सान सुल्तानपुर, गोड़वली, रिगवन और इसके आसपास के इलाकों में हुआ है और यहाँ की कृषि योग्य ज़मीन कटकर पानी के साथ बह चुकी है. बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है. बचाव और राहत कार्य के लिए तैयारी कर ली गयी है . हालाँकि अभी फिलहाल बाढ़ आने की आशंका बेहद कम है. इसकी जानकारी एसडीएम अशोक चौधरी ने दी है. प्रशासन की तरफ से लगातार निगरानी रखी जा रही है.
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