बलिया में गंगा से कटान से बचाव के लिए बनाये गया एप्रोज सोमवार को अचानक ढह कर गंगा कटान में विलीन हो गया। जिससे स्थानीय लोगों में हाहाकर मच गया। जिसके बाद बाढ विभाग द्वारा जल्दी जल्दी बोरी में बालू व मिट्टी डालकर रोकने का प्रयास तेज हो गया है। वहीं लोगों में कटान के खतरे से भयजदा है।
जानकारी के अनुसार एनएच31 के आसपास स्थित सोनारटोला, शेषगंगापुर,ऐतिहासिक बहादुर बाबा के स्थान आदि पर कटान का खतरा मडराने लगा है।
वहीं लोगों ने आरोप लगाया कि गंगा के कटान से बचाने के लिए बाढ़ विभाग द्वारा कटान रोधी कार्य मानक के अनरूप व गुणवक्तापूर्ण कार्य नहीं होने के कारण ही एकाएक कटानरोधी एप्रोज गंगा में समाहित हो गया। जिसको लेकर ग्रामीणों में बाढ़ विभाग के प्रति जबदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है।
वहीं एप्रोच ढहने की सूचना के बाद बाढ़ विभाग आनन फानन में एप्रोज की मरम्मत का कार्य तेज कर दिया। बोरियों में रेत व मिट्टी भरकर समस्या को दूर करने के प्रयास में लग गये।
वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगया है कि बाढ़ विभाग कटान रोकने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। जो भी तैयारी हो रही है उसमें मानक का ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिसका नतीजा रहा है कि एप्रोज गंगा में विलीन हो गया। उन्होंने चेताया है कि अगर लापरवाही के वजह से कटान में तेजी आती है तो इसका खामियाजा विभाग को भोगना पड़ सकता है। चेताया कि बाढ़ बिभाग कटान रोधी कार्य मानक के अनरूप नही करती है तो हम आन्दोलन के लिए बाध्य होगे।
इस मौके पर दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मानक को ध्यान में रखकर कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है।
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