बलिया में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में सफाईकर्मियों के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आने के बाद अब एसडीएम मामले की जांच करेंगे। जिलाधिकारी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
बता दें कि नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में स्थाई के अलावा आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाईकर्मियों की तैनाती है। अधिकांश जगहों पर ईओ की ओर से अपने चहेतों और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। इनमें से कई कर्मचारी काम पर नहीं आते और हर महीने मुफ्त वेतन ले रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो इस गड़बड़ी में संबंधित नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और लिपिक भी मिले हुए हैं जो कि इन कर्मचारियों से मानदेय के रुप में मोटी रकम लेते हैं। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद अब अधिकारियों ने नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में तैनात अस्थाई सफाईकर्मियों को भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया है।
नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में आउटसोर्सिग के अधिकांश पदों पर ईओ- चेयरमैन के चहेतों व कर्मचारियों के परिजनों का कब्जा है। कुछ जगहों पर नियुक्ति करने में लेनदेन होती है। अस्थाई पद पर तैनाती पाने वाले लोगों को 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। ऐसे में कई नियुक्ति सेटिंग से होती है। हर महीने मानदेय जारी होने पर आधा पैसा अधिकारी लेते हैं और आधा कर्मचारी।
अब अधिकारियों का कहना है कि नामों का मिलान कराने के साथ ही पहचान के लिए परेड कराई जाएगी। वहीं इस आदेश मिलने के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। सीआरओ अनिल कुमार अग्निहोत्री का कहना है कि नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में आउटसोर्सिंग पर रखे 66 नगर पालिकर्मियों के नियुक्ति में गड़बड़ी M किये मानदेय लेने की शिकायतें मिली है। इसकी जांच सम्बंधित तहसीलों के एसडीएम को करने का निर्देश दिया गया है।
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