बलिया- आजादी के 7 दशक बाद रोशनी से जगमगाएंगे गंगा पार बसे आधा दर्जन गांव

बलिया। गंगा के उस पार बसे आधा दर्जन गांवों के लिए सुकून भरी खबर है। आज़ादी के 74 साल बीत जाने के बाद इन गांवों का अंधेरा अब दूर होगा। अब यहां लालटेन नहीं बिजली के बल्व से उजाला होगा। लंबे समय से बिजली को तरस रहे ग्रामीणों की अंधेरे भरी ज़िंदगी में रोशनी आने वाली है। गुरुवार को लखनऊ में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, बिजली विभाग के एमडी व बिहार के बिजली विभाग के प्रमुख के साथ बात के बाद यह तय हुआ कि अगले गुरुवार से पहले ही उत्तर प्रदेश के गंगा उसपार के बैरिया विधानसभा के गांव नौरंगा, चक्की नवरंगा, भुवाल छपरा, उदयी छपरा के डेरा सहित आधा दर्जन गांव को बिहार से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।

आखिर क्यों आज़ादी के 7 दशक बाद भी इन गांवों में था अंधेरा? इन गांवों में बिजली आपूर्ति को लेकर बिहार और यूपी सरकार के बीच हमेशा बातचीत का दौर रहा। एक दशक पहले बिहार सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच समझौता हुआ था कि गंगा व सरयू नदी के इस पार के बिहार के गांव को उत्तर प्रदेश बिजली देगा। वहीं उस पार के उत्तर प्रदेश के गांव को बिहार सरकार बिजली देगी। 6 साल पहले उत्तरप्रदेश सरकार ने बिहार के जलालपुर विधानसभा के सिताबदियारा क्षेत्र के सारण जनपद अंतर्गत प्रभुनाथ नगर पंचायत के रामेश्वर टोला, लाला टोला, गरीबा टोला, प्रभुनाथ नगर सहित आधा दर्जन गांव में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी।

वहीं बिहार के भोजपुर जनपद के बड़हरा विधानसभा में बालि के डेरा, हरि के डेरा, भगवानपुर के डेरा, मुजाहि, जानकी बाजार, नौका टोला, सरबू सिंह के डेरा सहित आधा दर्जन गांव को भी उत्तर प्रदेश के जयप्रकाश नगर विद्युत उपकेंद्र से जोड़कर विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई। उस समय बिहार सरकार ने नौरंगा आदि उत्तर प्रदेश के गांव को बिजली देने की पेशकश की थी। लेकिन दिक्कत यह थी कि उन दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा उस पार के गांव में न तो बिजली के खंभे गाड़े थे, न तार खींचकर लाइन बनाई, कुल मिलाकर बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक इंतजाम नहीं थे।

उत्तरप्रदेश सरकार ने एक साल पहले ही गंगा पार के उन गांवों में खम्भे व लाइन लगाने का काम पूरा कर लिया। लेकिन अब बिहार सरकार की ओर से बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई। जिसके कारण ग्रामीण परेशान थे। लगातार ग्रामीण मांग कर रहे थे कि गांवों में बिजली आपूर्ति की जाए। जिसके बाद गुरुवार को यह मामला विधायक सुरेंद्र सिंह ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के समक्ष उठाया। जिसके बाद बिजली देने पर सहमति बनी।

अब ग्रामीण इस निर्णय से खुश हैं। उन्हें जल्द ही बिजली आपूर्ति का इंतजार हैं। गंगा पार बसे इन गांवों में तो बिजली आपूर्ति जल्द होने वाली हैं, लेकिन आज भी सैंकड़ों गांव ऐसे हैं जो अंधेरे में डूबे हैं। भारत चांद तक पहुंच गया है लेकिन कई गांव जो सिर्फ चांद की रोशनी से ही जगमगा रहे हैं।

Rashi Srivastav

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