बलिया के बाढ़ ग्रस्त इलाके का बीते दिनों सीएम योगी ने दौरा किया थे लेकिन इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ है बल्कि लोगों का कहना है कि स्थिति और बदतर होती जा रही है. वहीँ प्रशासन ने जो भी इंतज़ाम किया है वह नाकाफी है. वहीँ बाढ़ से प्रभावित लोगों का कहना है की अब तो हम लोगों के खाने के लाले भी पड़ गए है. हालाँकि गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि रुक ज़रूर गयी है लेकिन बाढ़ का पानी जस का तस बना हुआ है.
आपको बता दें कि विकास खंड मुरलीछपरा के मुरारपट्टी से लेकर रामपुर कोड़रहा और हृदयपुर समेट तमाम पंचायत के लाखों लोग फिलहाल बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. लेकिन जलस्तर के स्थिर होने की वजह से उन्हें कुछ सुकून ज़रूर मिला है. लेकिन पानी भरे रहने की वजह से लोग अपने घरों में ही फंसे हुए हैं. बाहर निकलने का कोई ज़रिया नहीं है. ऐसे में खाने पीने से लेकर बाकी की ज़रूरतों की चीज़ों की कमी होने लगी है.
बड़ी बात यह है कि जिन इलाकों में पानी भरा हुआ है, वहां पर बिजली भी गायब है. लेकिन अभी तक प्रशासन ने तो खाने का इंतजाम कर पाया है और न ही जेनरेटर का. ऐसे में बिना खाना पानी के घर में फंसे लोगों की परेशानी और नाराज़गी का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.
पहली बार ऐसा हुआ है जब बाढ़ की स्थिति में प्रशासन ने खाने पीने तक का इंतजाम नहीं किया है.
इलाके के लोगों का कहना है कि बाढ़ तो इससे पहले भी आई है लेकिन हमेशा से प्रशासन ने अपनी ज़िम्मेदारी बखूबी निभाई है और खाने पीने से लेकर जेनरेटर का इंतजाम किया गया है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है. ऐसी स्थिति उस समय है जब कुछ दिनों पहले ही सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने इलाके का दौरा किया है.
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