उत्तर प्रदेश की सरकार जहां पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का जाल फैलाने की बात करती है, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं होने के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।
धरातल पर स्वास्थ्य सुविधाओं के हाल बदहाल है। बलिया के सिकंदरपुर तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। फर्स्ट रेफरल यूनिट कहे जाने वाले इस अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर को वीआईपी वार्ड में भर्ती मरीजों तथा उनके तीमारदारों को हाथ पंखा से हवा करते हुए देखा गया।
अब जब वीआईपी वार्ड की ये हालत है तो अन्य वार्डों की हालत आप समझ सकते हैं। वीआईपी वार्ड में 8 बेड लगे हुए हैं। इस वार्ड में कुल 4 पंखे की जगह दी गई है, लेकिन 2 पंखे लगाए गए हैं। ये पंखे भी नहीं चलते। यही नहीं वार्ड में लाइट और जनरेटर चलने के बाद एलईडी बल्ब जलता है, लेकिन पंखा नहीं चलता।
सिवान कला गांव निवासी सुनील गुप्ता ने बताया है कि मैं अपने चाचा को यहां पर इलाज कराने के लिए लाया हूं, यहां पर जनरेटर तो चल रहा है लाइट जल रही है मगर पंखे नहीं चल रहे हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी बलिया से अपील किया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकन्दरपुर का निरीक्षण करें जिससे मरीजों को हो रही समस्याओं का निवारण हो सके।
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…
बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से…
बलिया के चितबड़ागांव स्थित जमुना राम मेमोरियल स्कूल में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी…
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया…