बलिया- 20 साल से नौकरी का रहा फ’र्जी टीचर बर्खा’स्त, रिकव’री का आदे’श !

बलिया के एक सरकारी स्कूल में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर पिछले 20 साल से नौकरी कर रहे एक शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है. प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी सुभाष गुप्ता ने बताया कि जिले के रेवती में तैनात शिक्षक नारायण जी यादव को बर्खास्त कर दिया गया है.
उन्होंने बताया कि छह दिसम्बर 1999 से कार्यरत इस शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने एवं नियुक्ति से लेकर अब तक मिले वेतन इत्यादि की वसूली करने के आदेश भी दिये गये हैं.

गुप्ता ने बताया कि बिसौली निवासी तारकेश्वर सिंह ने यादव के खिलाफ शिकायत की थी और साथ ही सुबूत भी पेश किये थे. शिकायत में दावा किया गया था कि यादव ने बीएड के जिस अंकपत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है, वह फर्जी है.उन्होंने बताया कि मामले की जांच खण्ड शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र कुमार को सौंपी गयी थी, जिसमें शिकायत सही पायी गयी.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ़ सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा था कि प्रदेश में अभियान चलाकर फर्जी शिक्षकों को बाहर किया जाएगा. डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कहा, “एसआईटी ने प्रदेश में 4000 फर्जी शिक्षक चिन्हित किए हैं, जिनमें से 1300 को चिन्हित कर कार्रवाई की जा चुकी है. हम लोग सूबे में बड़ा अभियान चला कर अब फर्जी शिक्षकों को विभाग से बाहर करेंगे.”

तबादले के लिए लागू होगा इंडेक्स सिस्टम-उन्होंने शिक्षकों की तबादला नीति को पारदर्शी बनाने की बात कही. उन्होंने कहा, “तबादले के लिए इंडेक्स सिस्टम लागू किया जाएगा. पहले पांच साल सेवा पर ही तबादले का नियम था, अब इसे घटाकर तीन साल कर दिया गया है. अक्टूबर से आवेदन लेंगे. अगले सत्र की शुरुआत से पहले तबादला कर दिया जाएगा.”

तीन वर्ष की जगह एक वर्ष में हो सकेगा महिला शिक्षकों का तबादला– मंत्री ने कहा, “महिला शिक्षक के लिए तबादले की समयसीमा तीन वर्ष से घटाकर एक वर्ष की जाएगी. सैनिकों की पत्नी का तो उनकी प्राथमिकता के आधार पर तबादला होगा. इसके साथ ही गंभीर रोग से पीड़ित और दिव्यांग को भी प्राथमिकता मिलेगी. एक जिले से दूसरे जिले और जिले के भीतर तबादला हो सकेगा. केवल अपने ग्राम पंचायत में तैनाती नहीं हो सकेगी.”

टीईटी पास करने वाले चतुर्थ श्रेणी कमर्चारी भी बन सकेंगे शिक्षक– उन्होंने बताया, “मृतक शिक्षकों के आश्रितों की नियुक्ति अब समयबद्घ की जाएगी. जो आश्रित शिक्षक बनने योग्य हैं और टीईटी पास हैं, उन्हें शिक्षक बनाएंगे. जो मृतक आश्रित जरूरी शैक्षिक योग्यता रखते हैं और चतुर्थ श्रेणी कमर्चारी हैं, अगर टीईटी पास करते हैं तो उन्हें भी शिक्षक बनाया जाएगा.”

द्विवेदी ने बताया, “बेसिक शिक्षा परिषद का कार्यालय लखनऊ स्थानांतरित किया जाएगा. स्कूली शिक्षा के लिए अब अलग से निदेशालय बनेगा. इसमें अलग से डायरेक्टर जनरल नियुक्त होगा. बेसिक शिक्षा का अलग संवर्ग बनेगा.”

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