बलिया के प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को अभी किताबें ही नहीं मिली है। स्कूल 1 अप्रैल से खुल गए हैं और जुलाई में तिमाही परीक्षा होनी है। लेकिन बच्चे अभी भी पुरानी किताबों से ही पड़ रहे है। ऐसे में बच्चों की पढाई ठीक से नहीं हो पा रही हैं।
पुस्तकें आने की प्रकिया इतनी धीमी है कि जुलाई तक भी छात्र-छात्राओं को पुस्तकें मिलने की उम्मीद बहुत कम हैं। बता दें कि जिले में 2 हजार 2 सौ 49 प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें लगभग 2 लाख 90 हजार छात्र पढ़ते हैं। स्कूल खुले हुए करीब 4 महीने हो चुके हैं। लेकिन अभी तक विद्यालय में पुस्तकें नहीं पहुंची हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक पहले पुस्तकें जिला मुख्यालय पर आएंगी। यहां किताबें आने के बाद उनका सत्यापन होगा और इसके बाद BRC से विद्यालय तक पहुंचने में लगभग 15 दिन का समय लग जाएगा। BSA मनिराम सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूल के बच्चों के लिए किताबें जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल पुराने छात्रों से किताबें लेकर पढ़ाई कराई जा रही है।
वहीं किताबें न मिलने से बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी चिंता में हैं। उनका कहना है कि कई सालों से किताबें समय पर नहीं मिली। सत्र शुरु होने का समय पहले से ही निर्धारित रहता है लेकिन किताब देने की प्रकिया शुरु नहीं की जाती। जिसके चलते बच्चों तक किताबें पहुंचने में वक्त लग जाता है।
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