बलियाः 16 साल पुराने चर्चित खाद्यान्न घोटाले के मामले में EOW की टीम ने बलिया में दो विभागों के तत्कालीन लेखाकारों, लिपिकों, विपणन विभाग के कर्मचारियों और सचिवों का बयान लिया।
बता दें कि एसजीआरवाई के तहत साल 2000 से 2005 तक विकास कार्य कराए गए। इसके तहत काम के बदले अनाज योजना लागू की गई थी। इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता पाई गई। जिसके बाद 14 थानों में 51 मुकदमे दर्ज किए गए। इसमें 8 मुकदमों की जांच सीबीआई और 43 की जांच ईओडब्ल्यू वाराणसी शाखा कर रही थी।
इस भ्रष्टाचार के मामले में कुल 6049 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसमें तत्कालीन तीन सीडीओ, बीडीओ, सचिव, विपणन विभाग, ट्रांसपोर्टर, ग्राम प्रधान, कोटेदार शामिल हैं। मामले में EOW के इंस्पेक्टर सुनील वर्मा ने नगर कोतवाली में करीब 10 लोगों का बयान दर्ज किया गया। इनमें डीआरडीए के तत्कालीन लेखाकार, एनआरईपी के तत्कालीन लेखाकार, एनआरईपी के तत्कालीन लेखाकार , कनिष्ठ लिपिक, विपणन विभाग के दो कर्मियों व चार सचिवों के बयान लिए।
वहीं इस घोटाले में वास्तविक श्रमिकों को लाभ देने की बजाय कई सरकारी विभागों के अधिकारियों- कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों व ट्रांसपोर्टरों ने कागज में काम दिखाकर खाद्यान्न व पैसे का भुगतान करा लिया। कागजों में जिन मजदूरी का नाम दर्ज है, जांच एजेंसी ने अब नोटिस भेजकर उनको तलब किया है। अब कुछ के बयान बाद में दर्ज किए जाएंगे। वहीं संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना में हुए घोटालों में ईओडब्ल्यू ने बैरिया ब्लॉक के कागजातों को कब्जे में ले लिया है।
बलिया। समाजवादी राजनीति में राम गोविंद चौधरी की पहचान और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की…
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…