बलिया में सड़कों पर जाम लगाने वाले ई रिक्शा चालकों पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। अब चालकों को बिना ट्रेनिंग के लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। इसके लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिया है। जिसके अनुसार ई-रिक्शा चालकों को परिवहन विभाग से संचालित मोटर ट्रेनिंग स्कूलों में 10 दिन का प्रशिक्षण लेना पड़ेगा। इसके बाद ही उन्हें लाइसेंस दिए जाएंगे।शहर की सड़कों पर फर्राटे मार कर दौड़ने वाले ई-रिक्शा अब जाम का कारण बन रहे हैं। स्टेशन के बाहर, पुलिस बूथ के सामने ही ई-रिक्शा वाले सड़क पर ही बेतरतीब वाहन खड़ा कर सवारी उठाने लगते हैं। इसके अलावा, ई-रिक्शा चालक स्टेशन, चित्तू पांडेय चौराहा, जगदीशपुर
हालांकि विभाग का कहना है कि यह प्रशिक्षण ई-रिक्शा डीलर की ओर से भी दिया जा सकता है। ट्रेनिंग के दौरान ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियम, सिग्नल, लाइट, रोड मार्किंग, चौराहों को पार करने के तरीके आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। यात्रियों के साथ सौम्य व्यवहार को लेकर उनको जानकारी दी जाएगी, ताकि यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं हो। इसके साथ ही ई-रिक्शा पर आपातकालीन नंबरों को भी दर्ज कराना होगा, ताकि हादसा होने के समय इन नंबरों की सहायता ली जा सके।
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