बलिया जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान वहां एसीएमओ सहित 21 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने सभी गैरहाजिर मिले कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने लचर व्यवस्था के लिए सीएमओ को भी फटकार लगाई।
बता दें कि जिलाधिकारी के अचानक कार्यालय पहुंचने से सभी अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। जिलाधिकारी ने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका की जांच की। इसमें एसीएमओ डॉ पद्मावती, डॉ विजय यादव, डॉ अशोक कुमार, डॉ आनन्द कुमार व डॉ योगेंद्र दास के अलावा वरिष्ठ सहायक संतोष श्रीवास्तव, संजीव निगम, गोपाल सिंह, मुन्ना बाबू, मारकण्डेय पाण्डेय, राजेश कुमार, अफसाना खातून व सौरभ माथुर, बीएचडब्ल्यू देवेन्द्र झा, जेई प्रेमचंद गैरहाजिर मिले। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उमेश कुमार, अमरेंद्र कुमार, ओमप्रकाश रावत, अजय यादव, सुनरी देवी व वार्ड बॉय आशीष सिंह भी अनुपस्थित मिले।
जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को एक हप्ते के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं सीएमओ कार्यालय की गैलरी में 15-20 लोग जिलाधिकारी को देखकर भागने लगे। इस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिया कि कार्यालय में काम करने वाले कर्मियों का पहचान पत्र जारी करें।
निरीक्षण के दौरान लेखा अनुभाग में सीएचसी सोनवानी के वरिष्ठ सहायक भूपेश द्विवेदी के आने का कारण पूछा तो महंगाई भत्ते के भुगतान में देरी करने की बात सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और सीएमओ को इस आशय का स्पष्टीककरण मांगा कि इस विलम्ब के लिए उत्तरदायी कौन है। पेंशन पत्रावलियों की जांच की तो पटल सहायक सुदामा प्रसाद ने बताया कि पेंशन प्रपत्र पर सीएमओ के हस्ताक्षर के बिना ट्रेजरी में भुगतान के लिए भेजा जाता है। इस पर सवाल करते हुए कहा कि अगर प्रक्रिया सही नहीं है तो इसके लिए जिम्मेदार कर्मी का उत्तरादायित्व निर्धारित करते हुए कार्यवाही करें।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने राज्य कर विभाग का निरीक्षण किया। वहां भारी गंदगी मिली, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान एक व्यापारी ने नोटिस जारी करने के सम्बन्ध में शिकायत की, जिसके बारे में उपायुक्त से जानकारी ली।