बलिया डेस्क़: बलिया जिले में छेड़खानी की शिकायत लेकर थाने पहुचे दलित की पुलिस हिरासत में पिटाई का मामला सामने आया है।परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर बदूक की बटों से बेरहमी से पिटाई किए जाने का आरोप लगाया है।
भारत समाचार की खबर के मुताबिक सिकंदरपुर थाने इसारपीथा पट्टी का है जहाँ छेड़खानी की शिकायत सुनने की जगह इंस्पेक्टर बालमुकुंद और कांस्टेबलों ने दलित युवकों को थाने के अंदर दलित युवकों को जमकर लात घूसों और बंदूक के कुंडे से पीटा। जिसमें 2 दलित युवको को को गम्भीर चोटे आई हैं।
वहीँ एक युवक की आँख फूटते फूटते बची और दूसरे को रीढ़ की हड्डी में काफी चोटे बताई जा रही है। पीड़ितों को गम्भीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिकंदरपुर इंस्पेक्टर पर यह आरोप है वो पीड़ितों से लागातार बयान बदलने का दबाव बना रहा था। जब पीड़ितों ने ऐसा करने से इनकार किया तो इंस्पेक्टर बालमुकुंद और उसके साथ कांस्टेबल ने थाने में ले जाकर पिटाई की।
वहीँ पुलिस के मुताबिक मामला दो पक्षों में विवाद का था जिसमें पुलिस पर आरोप है, सम्पूर्ण प्रकरण की जाँच क्षेत्राधिकारी सिकन्दरपुर को दी गयी है जिसके पूर्ण होने पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
खबर मीडिया में सामने के आने बाद भीम आर्मी के चीफ चन्द्रसेखर आज़ाद ने यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि “उत्तर प्रदेश के बलिया में पुलिसवालों ने छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराने गए दलितों पर बेरहमी से हमला किया है। प्रदेश में रक्षक खुले तौर पर भक्षक का काम कर रहे हैं। सोए हुए समाज को जागना होगा। वर्ना हम ऐसे ही रोज रोज मारे जाते रहेंगे। दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल अरेस्ट किया जाए।”
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