करोड़ रुपये के फंड आवंटन के बाद भी गौशालाओं में मर रही हैं गायें !

लखनऊ:   यूपी के अलग अलग जिलो में में बंद सैकड़ों गाय-बैलों की मौत ने सभी का ध्यान खींचा है. सूत्रों के अनुसार गायों की मौत की मुख्य वजह इन गौशालाओं में मौजूद बदइंतजामी है. बहरहाल, गौशालाओं में गायों की मौत की सूचना मिलने का बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आठ अफसरों को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही इन गौशालाओं में इंतजाम को बेहतर करने के आदेश भी दिए हैं. अफसरों पर सीएम की कार्रवाई के बाद भी गायों के मरने का सिलसिला जारी है. कुछ लोग तो मरने वाली गायों की संख्या सैकड़ों में बता रहे हैं. लेकिन सरकार ने अभी तो कोई आंकड़ा पेश नहीं किया. आरोप है कि ये सभी गाये चारे के आभाव और गंदगी की वजह से मरी हैं. बता दें कि गायों की मौत से इतना हंगाम इसलिए मचा है क्योंकि यूपी सरकार ने अपने बजट में गौ सेवा के लिए करीब 600 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया था. बावजूद इसके ज्यादातर गायें बदइंतजामी की वजह से अपनी जान गंवा रही हैं

NDTV की खबर के मुताबिक बलिया से भी गायों की मौत की खबर सामने आई है . बलिया के तहसीलदार शिवसागर दुबे ने NDTV को बताया कि चार बछड़े तो मेरे सामने ही मरे पड़े हैं. और इनकी मौत की वजह को कई बीमारी हो ऐसा नहीं लग रहा है. इन्हें देखकर यह तो साफ हो रहा है कि इनकी मौत चारे की कमी की वजह से हुई है. बता दें कि राज्य सरकार ने अपने बजट में गायों की देखभाल और रखरखाव के लिए भारी बजट का ऐलान किया था. यूपी सरकार द्वारा 2019-20 के बजट में गौ संरक्षण के लिए कुल 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. इस रकम में से 250 करोड़ रुपये गांवों में जबकि 200 करोड़ रुपये शहरों में बने गौशालाओं पर खर्च होने की बात कही थी. वहीं, 165 करोड़ रुपये के करीब की रकम गायों की हिफायत के लिए खर्च किया जाना था. 

लेकिन इन सब के बावजूद भी गायों की मौतें हो रही हैं. और जमीनी स्तर पर इंतजाम नाकाफी ही दिख रहे हैं. लखनऊ से लगे बाराबंकी स्थित एक गौशाला में पिछले हफ्ते ही आठ गाय मर गईं. प्रशासन इन गायों की मौत की वजह इनकी बड़ी उम्र को बता रहा है जबकि गायों की देखभाल करने वालों का कहना है कि गायों की मौत खराब चारे की वजह से हुई है. उनका कहना है कि इन गायों को भूसे के अलावा खाने में कुछ भी नहीं मिलता है. जिस वजह से यहां रहने वाली ज्यादा गाये कमजोर हो रही है और बाद में उनकी मौत हो जा रही है. गायों की देखभाल करने वाले युवक ने NDTV को बताया कि यहां रहने वाली एक गाय को हर दिन पांच किलो भूसा, एक किलो चोकर, एक किलो सरसों की खली, आधा किलो बिनौल और पांच किलो हरा चारा मिलना चाहिए. लेकिन इन्हें सिर्फ भूसा ही मिल पाता है. 

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