देश के विभिन्न हिस्सों में कोयले की कमी देखी जा रही है। अब इसके असर से बलिया का ईंट-भट्ठा उद्योग भी ठप्प हो गया है। कोयले की कमी से कई ईंट-भट्ठे बंद हो गए हैं। पिछले साल तक कोयला 10 से 11 हजार प्रति टन मिलता था लेकिन अब कीमत बढ़कर 18 से 20 हजार प्रति टन हो गई है। जिससे कई कारोबार घाटे में हैं।
कोयले की कमी से सबसे ज्यादा नुकसान ईंट-भट्ठा वालों को हो रहा है। उनका कहना है कि कोयले का दाम तो बढ़ गया लेकिन उस हिसाब से ईंट का दाम नहीं बढ़ा। जिसके कारण आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है और यही वजह है कि पूरे साल में आठ-दस फेरा लगाने वाले ईंट-भट्ठे अब चार से पांच फेरे में ही बंद हो रहे हैं।
ईंट के दाम नहीं बढ़ने से जहां कारोबार में घाटा हो रहा है तो वहीं दाम बढ़ाने से भी घाटे का अनुमान है। कारोबारियों का कहना है कि भाव ज्यादा बढ़ाने से संभव है कि ईंट की मांग ही घट जाए। जिससे परेशानियां बढ़ जाएंगी।
जिले में लगभग साढ़े तीन सौ ईंट-भट्ठे पंजीकृत हैं। अनुमान के मुताबिक, एक लाख ईंट पकाने में 16 से 18 टन कोयला लगता है। किसी भट्ठा पर एक बार में छह से आठ लाख ईंट पकती है। पिछले वर्ष ईंट यदि सात हजार रुपए प्रति हजार थी तो इस बार बमुश्किल पांच सौ रुपए प्रति हजार की वृद्धि हुई है। जबकि खर्चा बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में उद्योग को चलाए रखना कठिन हो रहा है।
बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को…
बलिया। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में अब नए चेहरों की सक्रियता दिखाई देने लगी…
चितबड़ागांव (बलिया)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जमुना राम मेमोरियल…
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने क्षेत्र के…
बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास,…
सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में बलिया की जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव की…