उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले मोहम्मद जिन्ना का जीन जिंदा हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और सरकार के मंत्री जिन्ना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दिए गए बयान को छोड़ना नहीं चाहते। अखिलेश यादव के बयान को लेकर लगातार भाजपा नेता और प्रदेश सरकार के मंत्री लगातार हमले कर रहे हैं। शनिवार यानी आज उत्तर प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य और ग्राम्य विकास मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को पाकिस्तान जाने की नसीहत दे डाली।
बलिया जिला मुख्यालय पर आज राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि “अखिलेश यादव का जिन्ना पर दिया गया बयान कोई सामान्य घटना नहीं है। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। तो वहीं जिन्ना देश के विभाजन के दोषी हैं।” हिंदुस्तान की एक खबर के मुताबिक आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा कि “जिन्ना एक ऐसे खलनायक हैं जिन्हें कोई भारतीय देखना और सुनना पसंद नहीं करता है। अखिलेश यादव किस भाव से प्रेरित होकर, किस दबाव और किस लालच में जिन्ना की जयकार और गुणगान कर रहे हैं, उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।”
खबर के अनुसार अखिलेश यादव को पाकिस्तान चले जाने की नसीहत देते हुए आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा कि “अखिलेश यादव खुद आगे आकर अपना नार्को टेस्ट कराएं। जिन्ना का गुणगान करने वाले पाकिस्तान चले जाएं। भारत में जिंन्ना का विचार रखने वाले लोगों का कोई स्थान नहीं है। उन्हें स्वयं पाकिस्तान चले जाना चाहिए।”
कहां से हुई शुरुआत? समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गत रविवार को हरदोई में एक भाषण में कहा था कि “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और जिन्ना ने एक ही संस्थान से पढ़ाई की थी और बैरिस्टर बने थे। इन लोगों ने भारत की आजादी के लिए काम किया और कभी संघर्ष से पीछे नहीं हटे।”
अखिलेश यादव के हरदोई में दिए गए भाषण के इसी हिस्से पर पूरा हंगामा मचा हुआ है। भाजपा समेत कई पार्टियों के नेताओं ने इस बयान पर अखिलेश यादव को घेरने की कोशिश की है। कई लोगों ने अखिलेश यादव के बयान का समर्थन किया है। लेकिन बलिया सदर के विधायक और प्रदश सरकार में राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला लगातार इस मुद्दे पर अखिलेश यादव पर हमले कर रहे हैं। बीते दिनों ही आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा था कि अखिलेश यादव पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर जिन्ना के समर्थन में बयान दे रहे हैं। बहरहाल देखना होगा की आखिल ये बखेड़ा कब शांत होता है? उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी नजदीक आ चुका है। इस पूरे पंचायत और जिन्ना के बहाने एक समुदाय को टारगेट करने से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।
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