बलिया- उपेन्द्र तिवारी के अम्बिका चौधरी पर दिए बयान से भाजपा नेता भी शर्मिंदा

बलिया। आमतौर पर सभ्य नजर आने वाले नेताओं के बोल चुनावी रैलियों में बिगड़ जाते हैं और कई बार नेता विपक्षी पार्टियों पर सवाल उठाते हुए, कटाक्ष करते हुए अपनी मर्यादा भूल जाते हैं। अब शब्दों की मर्यादा तोड़ी है योगी सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी ने। उन्होंने कुछ ऐसा बयान दिया जिससे राजनैतिक गलियारों में हलचल मच गई हैं। मंत्री का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें मंत्री जी बड़े ही अभद्रता से कहते हुए नजर आ रहे हैं कि “अंबिका चौधरी ने कितने बाप-मां और बहन बदले। तब जाकर वे राजनीति में आए हैं।”

मंत्री ने ये बातें पीडब्यूडी डाक बंगले में भाजपा के विधायकों और मंत्रियों से बात करते हुए कही। मंत्री के इस विवादास्पद बयान का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। मंत्री के बयान को लेकर सपा ने तत्काल जवाब नहीं दिया लेकिन इतना जरुर कहा कि वक्त आने पर मंत्री के मुहं से निकला शब्द का जवाब हम जरूर देंगे। सपा के एक नेता ने बताया कि मंत्री ने जिस शब्दों का इस्तेमाल किया वह शब्द उनके मुंह से अच्छा नहीं लगता। राजनीति में इस तरह का शब्द किसी के परिवार पर इस्तेमाल करना राजनीति की गरिमा के साथ खिलवाड़ है।

साथ ही कई भाजपा नेताओं ने भी मंत्री के इस बयान पर दबी जुबान ही सही लेकिन इसको गलत बताया है। हालंकि खुल कर बोलने से कतराते रहे। यहाँ तक कि एक भाजपा नेता ने नाम न छापने की शर्त पर मंत्री के बयान को गलत करार दिया। वहीँ भाजपा व सपा के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव काफी रोचक दिख रहा है।जहां सपा पूरी तरह से शांत बैठी हुई है। वहीं भाजपा एसपी से लगाकर डीएम तक यह शिकायत कर रही है कि सपा के प्रत्याशी ने जिला पंचायत सदस्यों का छुपा करके रखा।

हुआ यूं कि डाक बंगले में मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, उपेंद्र तिवारी, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, विधायक सुरेंद्र सिंह, संजय यादव, जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू मौके पर मौजूद थे। वहां से भाजपा का प्रतिनिधि मंडल नीरज शेखर के नेतृत्व में एसपी आवास पहुंचा, जहां उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों के रिहाई की मांग की। कहा कि उन्हें उनके परिवार के हवाले किया जाए। इसके बाद पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी सहित अन्य नेताओं पर यह आरोप लगाया कि यह लोग निष्पक्ष चुनाव नहीं होने देना चाहते हैं और कई दिनों से जिला पंचायत सदस्यों को अपहरण करके रखे हुए है।

Rashi Srivastav

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