बिल्थरारोड– नगर का प्रसिद्ध ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस मंगलवार को बड़े ही धूमधाम व हर्षोउल्लास के साथ निकाला गया। जुलूस में हिन्दू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल भी पेश की गई, जुलूस में मुस्लिम धर्म के लोग भी शामिल थे।
जुलूस मे हाथी, घोड़े ,ऊॅट व अनेक नयनाभिराम झाकियां, लोक नृत्य, गानों के धुन पर युवाओ की टोली, विभिन्न अखाड़ेदारो द्वारा हैरतंगेज कारनामे लोगो के आकर्षण का केन्द्र रहा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। जुलूस को देखने के लिए भारी संख्या मे ग्रामीण क्षेत्रो से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जुलूस के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबन्ध किये गये थे।
हिन्दू -मुस्लिम एकता– महावीरी झण्डा जुलूस के दौरान खास बात ये रही कि मुस्लिम समुदाय द्वारा शानदार स्वागत किया गया। हिन्दू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की हर साल की तरह इस बार भी मिसाल पेश की गई । मुस्लिम युवकों ने जामा मस्जिद के सामने जुलूस में आये लोगो के लिए मिठाई के साथ पानी पिलाने और शर्बत बाटने का भी इंतेज़ाम किया था ।
युवाओं में छाई मायूसी– महावीरी झण्डा जुलूस में हाइकोर्ट के आदेश के बाद डीजे नही बजने से कुछ युवाओं में मायूसी छायी रही। महावीरी झण्डा समिति द्वारा सुबह में ट्राली पर डीजे बांधकर तैयार किया गया था लेकिन इंस्पेक्टर योगेन्द्र बहादुर सिंह ने जानकारी होने पर तुरन्त पहुंचकर हाईकोर्ट के आदेश को सुनाते हुई डीजे बजने पर रोक लगा दी। इसके बाद डीजे के धुन पर थिरकने वाले युवाओं में मायूसी छा गयी। जिसके चलते जुलूस में युवाओं की सहभागिता कम देखने को मिली।
प्रसाशन रहा मुस्तैद– झण्डा जुलूस को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद दिखा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर रही। जुलूस मे एहतियात के तौर पर इलाके के सभी अधिकारी जुलूस के साथ पुरे समय नगर मे भ्रमण करते दिखे ।
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