बलिया से सीवान को जोड़ने वाले पुल का 5 साल में भी नहीं हो सका आधा कार्य पूरा?

उत्तर प्रदेश का बलिया एक सीमावर्ती जिला है। बलिया जिला बिहार की सीमा से सटा हुआ है। बिहार का सीवान जिला भी बलिया से लगता है। इन दोनों जिलों में व्यवसाय और निजी वजहों से भी आवाजाही खूब होती है। बलिया से गुजरने वाली सरयू नदी के कारण सीवान से इसकी दूरी बढ़ जाती है। दूरी बढ़ जाने के चलते आवागमन मुश्किल हो जाती है। इसे देखते हुए सरयू नदी पर पुल बनाने की योजना बनी।

बलिया के बांसडीह में चांदपुर के सामने सरयू में पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। आने वाले वक्त में यह पुल बलिया और बिहार के सीवान जिले को जोड़ेगा। चांदपुर के सामने सरयू नदी में बन रहे पुल का निर्माण कार्य आज से पांच साल पहले शुरू हुआ था। बलिया से सीवान जाने के लिए फिलहाल 140 से 150 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। लेकिन माना जा रहा है कि सरयू नदी में यह पुल बन जाने के बाद बलिया और सीवान के बीच की दूरी लगभग 60 किलोमीटर ही रह जाएगी।

चांदपुर के सामने सरयू नदी में बन रहे इस पुल की लागत है 224 करोड़ रूपए है। साल 2016 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। काम शुरू हुए पांच साल हो चुके हैं। लेकिन अब तक इस पुल का पचास फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ है। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस पुल का अब तक 45 फीसदी कार्य ही हो सका है। खबर के अनुसार 2023 तक इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हो पाएगा।

बांसडीह के निवासी प्रवीण तिवारी ने बलिया खबर से बातचीत में कहा कि “अगर लगातार काम चलता तो अब तक पुल बन गया होता। लेकिन रेगुलर काम होता नहीं है। उधर कोरोना की वजह से भी पुल निर्माण का काम ठप पड़ा हुआ था। जब काम शुरू भी होता है तो सरकारी तौर-तरीके से कछुआ की चाल से सब चल रहा है।” प्रवीण ने बताया कि हमारी रिश्तेदारी है सीवान के जिला कार्यालय से बीस किलोमीटर पूरब दिशा में। पर्व-त्योहार या जरूरत पड़ने पर जाने से पहले सोचना पड़ता है। क्योंकि मांझी और उभांव होकर जाना पड़ता है। ये यात्रा लंबी पड़ती है। अगर पुल बन गया तो आना-जाना कुछ आसान हो जाएगा। लेकिन देखिए कि बीरबल की खिंचड़ी कब तक पकती है?”

Akash Kumar

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