दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में एक किसान की मृत्यु होने के बाद देशभर में तनाव पूर्ण माहौल है। किसान अक्रोशित हो गए हैं और जगह- जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में बलिया के खरौनी बॉर्डर में संयुक्त किसान मोर्चा ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में किसानों ने लिखा है कि 21 फरवरी को करौली बॉर्डर पर पुलिस की फायरिंग में एक किसान की मृत्यु हो गई। किसानों ने कहा कि यह सरकार की सोची समझी रणनीति के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। बॉर्डर पर आंदोलन करने वाले किसानों की बात जनता तक न पहुंचे। इसलिए इंटरनेट, ट्विटर अकाउंट, यूट्यूब सब कुछ बंद कर दिया गया है। यह तानाशाही रवैया किसान सहने को तैयार नहीं है।
बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा बलिया के किसानों ने मांग किया है कि खरौनी में शहीद हुए किसान के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए तथा दोषियों को सजा दी जाए। अभिव्यक्ति की आजादी के सभी संसाधनों पर लगे प्रतिबंध हटाया जाए।उन्होंने मांग की कि पुलिसिया किलेबंदी हरियाणा, पंजाब एवं दिल्ली बॉर्डर से हटाया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा के साथ विगत आंदोलन में किए गए वादों को पूरा किया जाए।
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