बलिया। अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे एंबुलेंस कर्मचारी अब उग्र आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर 26 जुलाई यानि कल चक्काजाम करने की चेतावनी दी है। कर्मचारी एम्बुलेंस पर कार्यरत एएलएएस कर्मचारियों को समायोजित करने और सभी एम्बुलेंस कर्मियों को नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन करने की मांग पर अड़े हैं। दरअसल एम्बुलेंस पर कार्यरत एएलएएस कर्मचारियों को समायोजित करने और सभी एम्बुलेंस कर्मियों को नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन करने को लेकर एम्बुलेंस कर्मियों का धरना महिला अस्पताल परिसर में चल रहा है ।कर्मियों की मांग है कि इनकी नियुक्ति नई कम्पनी में की जाए, क्योंकि उन्होंने कोरोना काल मे अपना जीवन संकट में डालकर कोरोना मरीजो और मृतकों का परिवहन किया। साथ ही कहा- अगर मांगे नहीं मानी गईं और हमें बेरोजगार किया तो सोमवार को चक्का जाम करेंगे ।
ये हैं एंबुलेंस कर्मियों की मांगे– कोरोना में मृतक हुए एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख का बीमा, एंबुलेंस कर्मियों को नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन किया जाए, एंबुलेंस पर कार्यरत एएलएस कर्मियों को समायोजित किया जाए.
सेवा प्रदाता कंपनी बदलने पर एंबुलेंस कर्मियों को न बदला जाए, समान कार्य समान वेतन लागू हो, वेतन कटौती बंद हो, एंबुलेंस कर्मियों की नौकरी सुरक्षित करो।
आंदोलन कारियों का कहना है कि 02 जुलाई को अपर श्रम आयुक्त कार्यालय लखनऊ में जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों और जीबीके ईएमआरआई एंबुलेंस संचालन कम्पनी के अधिकारियों के बीच श्रम विभाग के माध्यम से मीटिंग हुई। जिसमें जीवनदायिनी संगठन प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय और प्रदेश महामंत्री बृजेश कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुशील पांडेय, उपाध्यक्ष विनय तिवारी ने संयुक्त बयान देते हुए कहा गया कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस जिसका संचालन जीवीके ईएमआरआई द्वारा किया जा रहा है लेकिन अब नेशनल हेल्थ
मिशन द्वारा टेंडर जिगित्सा हेल्थ लिमिटेड कंपनी को दिया गया है, जिसके कारण लगभग 1200 कर्मचारियो की नौकरी पर तलवार लटक रही है। कम्पनी की तरफ से एचआर हेड द्वारा श्रम विभाग को श्रमिक करने का कार्य करने के लिये कहा गया है । जबकि कंपनी ने अभी तक किसी भी कर्मचारी का टर्मिनेशन लेटर जारी नहीं किया है लेकिन जीवनदायिनी एंबुलेंस संगठन द्वारा कहा गया है कि नई कंपनी जिगित्सा हेल्थ लिमिटेड के द्वारा एएलएस गाड़ियों पर पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया है
और कंपनी लगतार नियुक्ति कर रही है जिसमें नए कर्मचारियों की भर्तियों की जा रही है।अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिनेश कुमार कौशिक द्वारा संचालन कर्ता दोनों कम्पनियों और नेशनल हेल्थ मिशन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है ,क्योंकि पुरानी कंपनी जीवीके ईएमआरआई के द्वारा अभी तक किसी भी कर्मचारी का टर्मिनेशन जारी नहीं किया गया है और नेशलन हेल्थ मिशन के द्वारा पुरानी व नई कंपनी को 250 एंबुलेंस गाड़ियों का हैंड ओवर, टेक ओवर हेतु पत्र जारी किया जा चुका है।
नई कंपनी विज्ञप्ति निकाल कर नये कर्मचारियों की नियुक्ति करने पर लगी है। पुरानी कंपनी अपने कार्यरत कर्मचारियों को टर्मिनेशन जारी करें । जब नई कंपनी नये कर्मचारियों को चयन प्रक्रिया पूरी कर चुकी होगी। उस समय पुरानी कर्मचारियों को जीवीके ईएमआरआई कंपनी व एन. एच. एम. के द्वारा साजिशन बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा।
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…
बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से…
बलिया के चितबड़ागांव स्थित जमुना राम मेमोरियल स्कूल में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी…