बलिया की बेल्थरा रोड विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक गोरख पासवान को कोर्ट ने 3 महीने की सजा सुनाई है। वाराणसी के एसीजेएम / एमपी-एमएलए कोर्ट ने 10 साल पहले ट्रेन रोकने के मामले में गोरख पासवान को दोषी पाया है। तीन महीने की सजा के साथ ही साढ़े 4 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। बता दें कि गोरख पासवान पहले सपा में थे। 2022 के विधानसभा चुनाव के पहले वह बीजेपी में शामिल हुए थे।
4 अप्रैल 2012 को रोकी थी ट्रेन- अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजन अधिकारी केके मिश्रा ने पैरवी की। जिनके मुताबिक RPF मऊ के सब इंस्पेक्टर डीके शर्मा ने अप्रैल 2012 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि 4 अप्रैल 2012 को वाराणसी से गोरखपुर रेल प्रखंड पर बनकरा गांव के पास रेल फाटक बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने इंटरसिटी ट्रेन को बेल्थरा रोड और किड़िहरापुर रेलवे स्टेशन के बीच रोका था। ग्रामीणों के रोकने के कारण ट्रेन लगभग 18 मिनट तक रुकी रही थी ।
10 साल बाद सजा- ट्रेन रोकने वाले ग्रामीणों का नेतृत्व तत्कालीन सपा विधायक गोरख पासवान ने किया था। शिकायत के आधार पर गोरख पासवान और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अदालत में ट्रायल के दौरान 6 गवाह पेश किए गए। साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी पूर्व विधायक को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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