बरसात के मौसम में बलिया जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ गया है। जिले में अब तक डेंगू के 12 मरीज मिल चुके हैं। इसे देखते हुए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। विभाग ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में काम शुरु कर दिया है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों नगर निकायों की उदासीनता के चलते डेंगू-मलेरिया जैसे रोगों का खतरा बढ़ गया है।
जनपद के काजीपुरा की बात करें तो यहां हालात बेहद खराब हैं। काजीपुरा मोहल्ला में यहां करीब पांच सौ घर हैं, मगर यहां 12 माह गंदा पानी भरा रहता है। यहां करीब दो से तीन फीट पानी लगा है। इसमें से होकर लोग आने जाने को मजबूर हैं। इसके चलते इस पूरे इलाके में संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है। नगरपालिका के अध्यक्ष से लगायत बात विधायक सदर तक पहुंची, मगर कोई परिणाम नहीं है। जापलिगंज में नालियां पूरी तरह से चोक हैं। सड़कों पर पानी भर रहा है। रास्ते पर नालियों से निकला गंदा पानी बीमारियों को नेयौता दे रहा है। लेकिन जिम्मेदार चुप बैठे हैं।
इधर स्वास्थ्य विभाग के डीएमओ डॉ. सुनील कुमार यादव ने कहा कि संक्रामक रोगों की चुनौती से लड़ने को विभाग तैयार है। शहर में सफाई की जिम्मेदारी नगरपालिका तो गांव में ब्लॉक व ग्राम पंचायत की है। शहर सहित जिले भर में एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग के निर्देश दिए गए हैं। जहां डेंगू के मरीज मिले हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम खुद जाकर छिड़काव आदि करा रही है। पंचायती राज विभाग से कहा गया है कि वह हर गांव में हर दिन सफाई करें, जहां जलभराव हो उसे तत्काल दूर कराएं। संक्रामक रोगों की स्थिति को देखते हुए नगरपालिका को भी सफाई कराने को कहा गया है।
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