बलिया। शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए जल निगम शहरी ने 105.32 करोड़ के प्रस्ताव को निदेशालय भेज दिया है। निदेशालय से मुहर लगने के लिए बाद इसे एसएलटीसी की बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा पुरानी सीवर लाइन की सफाई के लिए 9.73 करोड़ के प्रस्ताव को भी शासन में भेजा जा चुका है। वहीं अब शासन की स्वीकृति के बाद काम किया जाएगा।
बता दें शहर से निकलने वाले नालों का गंदा पानी सीधे गंगा नदी में जाता है। हालांकि एनजीटी के सख्त रवैये के बाद पालिका की ओर से कुछ नालों पर बायो रेमेडिएशन का काम किया जा रहा है। नगर में 2006-07 में सीवर योजना की शुरुआत कुल 97.22 करोड़ की धनराशि से हुई। इस धनराशि से सीवर और एसटीपी का निर्माण होना था, लेकिन यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जिसके बाद जल निगम की ओर से कई बार इसे पूरा करने की कोशिश की गई लेकिन ये अधूरी ही रही। इसे नमामि गंगे से बनवाने के लिए योजना बनाई गई, लेकिन ये भी परवान नहीं चढ़ी।
पिछले दिनों जल निगम की शहरी विंग को अमृत पार्ट टू के तहत आधी-अधूरी एससीपी को पूरा की स्वीकृति दी गई। इसके बाद जल निगम की ओर से प्रस्ताव बनाना शुरू किया गया। पहले पुरानी डाली गई 56-57 किमी लाइन की साफ-सफाई और मरम्मत के लिए 9.73 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। हालांकि अभी इसे स्वीकृति नहीं मिली। अब जल निगम ने एसटीपी के लिए 105.32 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
बता दें जनपद में कुल 220 किमी की सड़कें हैं। पहले 56-57 किमी पाइपलाइन बिछाई गई है। ऐसे में लगभग 130 किमी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जिसको लेकर जल निगम शहरी के अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि नए एसटीपी निर्माण के साथ ही नगर में पाइप लाइन बिछाने और सीवेज कनेक्शन देने का काम होगा। इसके लिए डीपीआर निदेशालय को भेजा है।
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