बलिया डेस्क : भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के भ्रष्टाचार का आरोप लगाने से आहत जिले के बैरिया तहसील के तहसीलदार शिवसागर दुबे ने जिला अधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल खुद को तहसीलदार पद से हटाने व पूरे नौकरी काल में अर्जित किए गए संपत्ति की जांच कराने का आग्रह किया है। उधर भाजपा विधायक ने तहसीलदार को स्वेच्छाचारी करार दिया है।
जिले के बैरिया क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने बैरिया तहसील के तहसीलदार शिवसागर दुबे को भ्रष्टाचारी करार दिया है। बताते हैं कि भाजपा विधायक सिंह ने गुरुवार को सुबह फोन किया तथा तहसीलदार से कहा कि आप ईमानदारी का चोला ओढ़कर भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
दूरभाष पर बातचीत के बाद तहसीलदार शिवसागर दुबे ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा। उनका कहना है कि वह बेहद मर्माहत हैं । 31 वर्ष के राजकीय सेवा में उनके साथ इस तरह का बर्ताव किसी ने नही किया था । उन्होंने जिलाधिकारी को लिखे गये पत्र में कहा है कि मै तहसीलदार के पद पर हूं , जो काफी जिम्मेदारी का पद है। इसमें भ्रष्टाचार करने का मौका है। इसलिए मुझे ऐसे पद पर पदास्थापित करें , जहां भ्रष्टाचार करने का कोई अवसर न हो। उन्होंने लिखा है कि मेरे द्वारा अर्जित संपत्ति की जांच हो ।
अगर कहीं से भी लगे कि मैंने भ्रष्टाचार किया है तो मुझे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दिया जाए। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मेरी नौकरी 1 वर्ष 1 सप्ताह शेष बची है। विधायक माननीय जनप्रतिनिधि होते हैं , इसलिए उनकी शिकायत को जिलाधिकारी गंभीरता से ग्रहण करें और उचित कार्यवाही करें , जिससे हमें भी संतोष हो और विधायक जी को भी।
उन्होंने कहा है कि सेवाकाल के अंतिम चरण में अपमानित होकर नौकरी करना मैं उचित नहीं समझ रहा हूं। भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने इस मसले पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बैरिया का तहसीलदार स्वेच्छाचारी है । उनके गलत कारगुजारियों के कारण सरकार की लोकप्रियता खराब हो रही है , इसके साथ ही समाज में अशांति फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है।
उन्होंने बताया कि भरतछपरा में 2 माह पूर्व राजस्व विभाग द्वारा ही भूमि के पैमाइश के बाद गाड़े गए पत्थरों को बिना किसी नोटिस के उखड़वाकर फेंक दिया गया, जिससे खून खराबा की आशंका बढ़ गई है। वही जगदेवा में अवकाश प्राप्त राजस्व निरीक्षक नारायण यादव के यहां पैमाइश के बाद दुबारा तहसीलदार द्वारा मनमाना फरमान सुनाया गया, जिसके चलते उभय पक्षों में मारपीट हुई। तहसीलदार के गाड़ी पर भी ईट पत्थर चले थे। उन्होंने कहा कि मैंने तहसीलदार को समझाया था कि ऐसा ना करें, मेरे ऊपर दबाव बनाने के लिए इस तरह का पत्र तहसीलदार द्वारा जिलाधिकारी को लिखा गया है
रिपोर्ट- अनूप कुमार हेमकर
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