अभी जल्द ही लोकसभा चुनाव संपन्न हुए हैं और इस के परिणाम सामने आए हैं जिसके स्वरूप देश मे बीजेपी की सरकार बनी है । अब सभी पार्टियां विधानसभा चुनावों की तैयारी में पूरी तरह से लग गई है हर कोई मौके का फायदा उठाना चाहता है ऐसा ही कुछ देखने को मिला रविवार को।
दोस्तों शनिवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का ऐम्स हॉस्पिटल में निधन हो गया। जिसके कारण बीजेपी ही नहीं बल्कि हर प्रदेश में शोक का माहौल है। अरुण जेटली पूर्व वित्त मंत्री रह चुके हैं। लंबे समय से कैंसर से पीड़ित अरुण जेटली के निधन की खबर जैसे ही सामने आई बीजेपी के सभी नेता दिल्ली पहुंच गए ।योगी आदित्यनाथ को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने अपनी मथुरा यात्रा को कैंसिल कर दिया और तुरंत दिल्ली के लिए उड़ान भर दी। बस फिर क्या था विपक्ष को फायदा उठाने का मौका मिल गया ।
जिस समय योगी आदित्यनाथ सब कुछ भूलकर अरुण जेटली के निधन का शोक मना रहे थे उस समय विपक्षी नेता अखिलेश यादव ने मौके पर चौका लगाते हुए बड़ी बाजी मार ली । अब आप सभी सोच रहे होंगे कि अखिलेश यादव ने आखिर ऐसा क्या किया तो आपको बता दें कि सूत्रों से जानकारी मिली है कि जिस समय योगी आदित्यनाथ दिल्ली में अरुण जेटली की शोक सभा में शामिल होने के लिए पहुंचे उस समय अखिलेश यादव ने अपनी एक बड़ी योजना को अंजाम दे दिया। उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की, माना जा रहा है कि यह मुलाकात चार-पांच घंटे लंबी चली .
अखिलेश यादव ने ओमप्रकाश राजभर से मिलकर आने वाले उपचुनाव के कई समीकरण बैठा लिए हैं ।सूत्रों की माने तो कहा जा रहा है कि हो सकता है आने वाले उपचुनाव में अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर साथ मिलकर मैदान में उतरे। और अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द से जल्द दोनों गठबंधन का ऐलान भी कर देंगे कयास लगाए जा रहे हैं कि ऐसा करने से समाजवादी पार्टी को बड़ा फायदा हो सकता है।
दोस्तों लोकसभा चुनाव में बड़ी शिकस्त के बाद अखिलेश यादव अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं और विधानसभा उपचुनाव को लेकर पूरी तरह से सख्त नजर आ रहे हैं उन्होंने पार्टी की पूरी तरह से नई सर्जरी कर दी है । अखिलेश यादव ने यूपी की सभी इकाइयों को भंग कर दिया है। पिछले चुनाव के परिणाम आने के पश्चात अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में पूरी तरह से फेर बदल कर दी है ।
पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी पदाधिकारियों से मिलकर अगले उपचुनावों के लिए नए समीकरण बनाए हैं और सभी को आने वाले उपचुनाव के लिए नए सिरे से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
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