दलालों का धौंस इतना है कि जिला परिवहन कार्यालय में बाबुओं के बगल में ही इनकी कुर्सी लगने लगी है।
बलिया का जिला परिवहन कार्यालय पूरी तरह दलालों का अड्डा बन चुका है। जिला परिवहन कार्यालय में दलालों की तूती बोलती है। उनसे संपर्क किए बगैर जिला परिवहन कार्यालय की कोई भी फाइल टस से मस नहीं होती है। दलालों का धौंस इतना है कि जिला परिवहन कार्यालय में बाबुओं के बगल में ही इनकी कुर्सी लगने लगी है। इन सब में आला अधिकारियों की भी मिलीभगत है। स्थिति इतनी खराब है कि जिला परिवहन कार्यालय में आने वाला कोई भी व्यक्ति इनसे बच नहीं पाएगा।
परमानेंट हेवी लाइसेंस की सरकारी फीस 1000 रुपए हैं। हालांकि काम जल्दी हो जाए इसके लिए एजेंट को 4000-4500 रुपए तक देने पड़ते हैं। टेंपो फिटनेस की सरकारी फीस ऐसे तो 600 रुपए हैं लेकिन दलालों का रेट 1400 है। कार्यालय में दलालों की घुसपैठ इतनी गहरी है कि जिस दिन कोई बाबू छुट्टी पर होता है तो उसकी जिम्मेदारी दलाल ही निभाते हैं। जिला परिवहन कार्यालय में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की काम बाबू देखते हैं। लेकिन दफ्तर में कोई और देखता हैं।
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