दलालों का धौंस इतना है कि जिला परिवहन कार्यालय में बाबुओं के बगल में ही इनकी कुर्सी लगने लगी है।
बलिया का जिला परिवहन कार्यालय पूरी तरह दलालों का अड्डा बन चुका है। जिला परिवहन कार्यालय में दलालों की तूती बोलती है। उनसे संपर्क किए बगैर जिला परिवहन कार्यालय की कोई भी फाइल टस से मस नहीं होती है। दलालों का धौंस इतना है कि जिला परिवहन कार्यालय में बाबुओं के बगल में ही इनकी कुर्सी लगने लगी है। इन सब में आला अधिकारियों की भी मिलीभगत है। स्थिति इतनी खराब है कि जिला परिवहन कार्यालय में आने वाला कोई भी व्यक्ति इनसे बच नहीं पाएगा।
परमानेंट हेवी लाइसेंस की सरकारी फीस 1000 रुपए हैं। हालांकि काम जल्दी हो जाए इसके लिए एजेंट को 4000-4500 रुपए तक देने पड़ते हैं। टेंपो फिटनेस की सरकारी फीस ऐसे तो 600 रुपए हैं लेकिन दलालों का रेट 1400 है। कार्यालय में दलालों की घुसपैठ इतनी गहरी है कि जिस दिन कोई बाबू छुट्टी पर होता है तो उसकी जिम्मेदारी दलाल ही निभाते हैं। जिला परिवहन कार्यालय में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की काम बाबू देखते हैं। लेकिन दफ्तर में कोई और देखता हैं।
चितबड़ागांव, बलिया। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे…
बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को…
बलिया। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में अब नए चेहरों की सक्रियता दिखाई देने लगी…
चितबड़ागांव (बलिया)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जमुना राम मेमोरियल…
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने क्षेत्र के…
बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास,…