गंगा के दोनों किनारों पर स्थित भोजपुरी संस्कृति को एकजुट करने के लिए आरा-बलिया रेल लाइन परियोजना में तेजी आ गई है। इस प्रस्तावित रेल मार्ग का अंतिम सर्वे रिपोर्ट अब रेल मंत्रालय तक पहुंच चुका है, जिससे इस महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।
बलिया के पूर्व सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त, जिन्होंने इस परियोजना को अपने कार्यकाल में संसद में जोर-शोर से उठाया था, ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की है। रेल मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस परियोजना को जल्द ही आगे बढ़ाया जाएगा और इसे लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
लोकसभा चुनाव के दौरान आरा-बलिया रेल लाइन निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था, और अब यह एक वास्तविकता बनने की ओर बढ़ रहा है। वीरेन्द्र सिंह मस्त ने बताया कि रेल मंत्री ने उन्हें विस्तृत चर्चा के लिए बुलाया है और इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
इसके साथ ही, आरा-बैरिया दो लेन सड़क और महुली में गंगा नदी पर पक्के पुल के निर्माण के लिए भी धन स्वीकृत हो चुका है। मस्त ने बताया कि इस सड़क और पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।
यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि भोजपुरी संस्कृति को एक नया जीवन और पहचान भी देगी।
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