बलिया। सरकार के द्वारा स्कूलों में बच्चों को माध्यन भोजन दिया जाता है। लेकिन कई स्कूल ऐसे हैं जहां माध्यान भोजन की व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आ रही है। जिले के 6931 रसोइयों के रसोईघर में भोजन बनाने की सामग्री ही नहीं है। कई रसोइयों को मानदेय तक नहीं मिला है।
ऐसे में रसोईए परेशान हैं। रसोइयों का कहना है कि पिछले 4 महीने से हमें मानदेय नहीं मिला है। मई व जून का मानदेय देने का प्रावधान हीं है, लेकिन जनवरी से अप्रैल के बीच चार माह का वेतन भी उन्हें नहीं दिया गया।
1500 रुपए के मानदेय पर काम करने वाले रसाइयों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं सरकार ने पिछले दिनों मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की है। लेकिन पिछला भुगतान ही नहीं मिला। रसोइयों का कहना है कि उन्हें अप्रैल में ही दो हजार रुपये मिलने थे लेकिन मानदेय नहीं मिला।
वहीं रसोईया संघ की जिलाध्यक्ष रेनू शर्मा का कहना है कि मानदेय नहीं मिलने से जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात रसोइयों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शर्मा का कहना है कि अब तो हमें घर का खर्च चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
मिड डे मील समन्वयक अजीत पाठक ने बताया कि रसोईयों का करीब दो माह का मानदेय बकाया है। शासन से बजट आवंटित हो गया है। एक सप्ताह के अंदर रसोइयों के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। करीब 88 रसोईयों का बैंक से खाता वेरिफाई नहीं होने के कारण उनका कुछ ज्यादा बकाया है।
बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना…
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…