बलिया- शौचालय निर्माण के बाद जियो टैग नहीं कराने पर मुख्य विकास अधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने 51 ग्राम प्रधान व सचिवों पर नोटिस जारी करते हुए पंचायती राज अधिकारी को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिससे की हडकंप मचा हुआ है ।
कर्मचारियों को आरोप पत्र व प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सीडीओ ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी भवानी ¨सह खंगारौत को भी पत्र भेजा है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत प्रदेश के हर गांव को ओडीएफ बनाने की जिम्मेदारी प्रधान व सचिवों को दी गई है। इसे कुछ लोग तो जिम्मेदारी पूर्वक शौचालय बनाने का काम कर रहे हैं।
वहीं कुछ लोग योजना को संचालित करने में कोई खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले के 51 गांवों में शौचालय निर्माण का जियो टैग नहीं किया गया है। इससे सरकार के वेबसाइट पर अभी 51 गांव अधूरा ही दिखा रहा है। इसके लिए बार-बार शासन से रिमाइंडर आ रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि शासन से हर दिन ओडीएफ की समीक्षा होती है। अगर एक सप्ताह के अंदर कार्य अपलोड नहीं कराया गया तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने विकास खंड रेवती डुमरिया में औचक निरीक्षण किया था, जिसमें शौचालय निर्माण में अनियमितता मिलने पर संबधित सचिव को निलंबित करने के लिए जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए थे।
जिला विकास अधिकारी शशिमौली मिश्र ने सचिव दिनेश सिंह को निलंबित कर दिया। डीडीओ ने बताया कि सचिव द्वारा शौचालय निर्माण में लापरवाही की गई थी। लोगों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर जाकर जांच किया था। इसमें सचिव को दोषी पाया था। इस आधार पर उसे निलंबित कर दिया गया है।
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