रसड़ा में लगातार विकास के नए आयाम लिखे जा रहे हैं। रसड़ा में हाईटेक ट्रांसमिशन बन रहा है। और अच्छी बात यह है कि अगले माह तक इसके चालू होने की उम्मीद है। इस नए हाईटेक ट्रांसमिशन से बलिया के जिलों को तो जोड़ा ही जाएगा साथ ही मऊ व गाजीपुर जिले के 150 बिजली उपकेंद्रों को भी जोड़ा जाएगा। रसड़ा में 220 केवीए व 132 केवीए पर कार्य अंतिम दौर में है। इसके बाद पहले से तैयार 400 केवीए यूनिट से आपूर्ति शुरु करने की तैयारी है।
आपको बता दे कि रसड़ा तहसील के नागपुर गांव स्थित कताई मिल की 10 हेक्टेयर भूमि पर 475 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया गया है। अब यह 400 केवीए ट्रांसमिशन उपकेंद्र ऊर्जाकृत हो चुका है। बरसात के मौसम के कारण रसड़ा में 220 केवीए व बलिया में 132 केवीए ट्रांसिमिशन का कार्य प्रभावित हो गया। जिससे यहां इसके शुरु होने में थोड़ा समय लग रहा है।
लेकिन दोनों जगह कार्य अंतिम चरण में हैं। ट्रांसमिशन से बिजली घरों को जोड़ने के लिए लाइन तैयार है। आधुनिक ट्रांसमिशन के शुरू होने के बाद रेलवे व कृषि वाले उपकेंद्र भी जुड़ जायेंगे। अधिकारियों की मानें तो इस तकनीक पर बनने वाली यह हाईटेक ट्रांसमिशन यूनिट पूर्वांचल में पहली है। इस बाबत ट्रांसमिशन कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता खालिद फजल ने बताया कि कई बड़े बिजली घरों को निर्माणाधीन ट्रांसमिशन यूनिट से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद जिले के साथ ही गाजीपुर व मऊ के कई उपकेंद्रों को निर्बाध बिजली मिलेगी।
रसड़ा में इस नई हाईटेक ट्रांसमिशन बनने के बाद बलिया के साथ आसपास के जिलों को भी लाभ मिलेगा। सैंकडों बिजली उपक्रेंद्रों को इससे जोड़कर बिजली व्यवस्था सुचारु की जाएगा।
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