डेडलाइन के 2 महीने बीते, अभी भी अधूरा पड़ा है नौरंगा पीपा पुल का निर्माण

बलिया में अधूरे निर्माण कार्यों की लंबी लिस्ट है। यहां सड़कों की मरम्मत का काम शुरु होते ही रुक जाता है, नए भवनों का निर्माण अधूरा रह जाता है। इसी लिस्ट में अब नौरंगा पीपा पुल का नाम भी शामिल हो गया है।

तय सीमा के 2 महीने बाद भी जिले के गंगा उस पार के गांवों को जोड़ने वाले नौरंगा पीपा पुल का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। कुछ दिनों में चुनाव होने वाले हैं लिहाजा पोलिंग पार्टियों से लेकर अधिकारियों तक को यहां से आवागमन करना है। लेकिन फिर में पुल के निर्माण में फुर्ती नहीं आई।

नौरंगा गंगा घाट पर पीपा पुल का निर्माण 15 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश थे। लेकिन दिसंबर बीत गया, अब जनवरी को बीतने को है पर जिम्मेदारों की कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। पीपा पुल के अभाव में गंगा पार बैरिया तहसील के नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की, उपाध्याय टोला की करीब 25 हजार की आबादी के साथ ही नदी इस पार के पांडेयपुर, जगदेवा, दयाछपरा, उदयीछपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला, गंगौली, श्रीनगर आदि गांवों के हजारों की आबादी को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में ग्रामीण, खासतौर पर किसान बेहद परेशान हैं। किसानों का कहना है कि कटान के कारण नदी इस पार के किसानों का हजारों एकड़ खेत नदी उस पार चला गया है। बाढ़ के कारण खरीफ की फसल तो नष्ट हुई ही, पुल के अभाव में संसाधन नहीं पहुंच पाने से रबी की बुआई भी बाधित हो गई। उधर, नदी उस पार की पंचायत नौरंगा के ग्रामीणों को तहसील से लगायत जिला मुख्यालय आना कठिन हो गया है।

पुल पार करने नाव से आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे में नाविक भी किसानों की मजबूरी का भरपूर फायदा उठाते हैं और मनमाना किराया वसूलते हैं। इस पुल के न बनने से छात्र स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। बैरिया तहसील के नौरि और अन्य प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पुल खोलने के लिए तय दिन यानी ठीक 14 जून को पुल खोलना तो शुरू कर देते हैं, लेकिन निर्माण पूर्ण करने की अवधि 15 नवंबर विभाग हर साल भूल जाता है। नतीजा 7 महीने चलने वाला उक्त पीपा पुल 4 महीने भी नहीं चल पाता है।

गौरतलब है कि चुनाव नजदीक है, ऐसे में नौरंगा पीपा पुल का निर्माण जल्द ही करवाना चाहिए, क्योंकि अगर पुल का निर्माण नहीं हुआ तो आवागमन में भारी परेशानी होगी और इसका सामना पोलिंग पार्टियों और अधिकारियों को करना पड़ेगा। वहीं लोक निर्माण विभाग के जेई देवचंद गुप्ता का कहना है कि पुराने स्थान पर पीपा लगाने का कार्य शुरू हो गया था। ग्रामीणों के विरोध के कारण इसे रोकना पड़ा। नए चयनित जगह पर पुन: पीपा लाया जा रहा है। 15 दिन के अंदर निर्माण पूरा करा दिया जाएगा।

Rashi Srivastav

Recent Posts

बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’

बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और…

1 week ago

बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!

बलिया- अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में…

4 weeks ago

UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान

जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव  में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता…

4 weeks ago

जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा

बलिया।जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए भव्य विदाई समारोह का…

2 months ago

उत्सर्ग व गोंदिया एक्सप्रेस ठहराव पर खुशी, लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड…

2 months ago

Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…

2 months ago