मंत्री ओमप्रकाश राजभर बोले बात बनी तो वरना…!

बलिया। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उत्तर प्रदेश ओम प्रकाश राजभर का जनपद आगमन मंगलवार को हुआ। उन्होनें 05:15 बजे रेलवे स्टेशन रसड़ा में पहुचेंगे और 05:30 बजे निरीक्षण भवन रसड़ा में क्षेत्रीय भ्रमण कर जायजा लिया।

तत्पश्चात उन्होंने पत्रकारों से वार्ता किया। जिसमें मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि पिछड़ी जाति के आरक्षण में वर्गीकरण व अन्य बुनियादी सवालों को लेकर प्रदेश व्यापी क्रमिक अनशन किया जा रहा है यदि बात बनी तो ठीक भाजपा ने रखा था तो ठीक अन्यथा हम उत्तर प्रदेश के 80 एवं बिहार के 16 लोकसभा सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ कर गरीबों की ताकत को देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में भेजने का काम करेंगे।

श्री राजभर ने कहा कि गरीबों एवं उपेक्षित समाज के अलावा आम आदमी कैसे खुशहाल होगा और भारतीय जनता पार्टी एवं प्रदेश सरकार काम नहीं कर रही है हनुमान जी को कौन सी जाति थी।

कुंभ मेले में बजट का कितना ज्यादा अधिक पैसे खर्च किए जाए इसमें इनको ज्यादा दिलचस्पी है ऐसे लोगों को शायद यह नहीं मालूम कि हनुमान जी और रावण ने केवल बानर कह दिया और और उनके पूछ का पैमाना नापने का प्रयास किया था तो हनुमान जी ने सोने की लंका को ही जला कर भस्म कर दिया था। ऐसे में भाजपा या अन्य जिम्मेदार मंत्री विधायक यदि देवी देवताओं या किसी के आराध्य पर टिप्पणी करते हैं तो उसका क्या परिणाम होगा इसका अंदाज आसानी से लगाया जा सकता हैैैै।

मंत्री श्री राजभर ने कहा कि जनता ने सरकार बनाया है तो जनता और मूलभूत सुविधाओं को लेकर काम करनी चाहिए। जनता को जुमला नहीं काम प्यारा होता है। मंत्री ने गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली और महाराजा सुहलदेव के नाम पर डाक टिकट जारी करने के कार्यक्रम के बाबत सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा सहित सभी दलों की नजर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को कमजोर करने में लगी है। उसी का प्रतिफल प्रधानमंत्री का कार्यक्रम भी है।

कहा कि यदि सभी महापुरुषों को जैसे पृथ्वीराज चौहान सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि के नाम उ से डाक टिकट जारी हुआ है। तो आखिर महाराज सुहलदेव राजभर के नाम से डाक टिकट जारी ना करके केवल सुहलदेव के नाम से टिकट क्यों नहीं जारी किया जा रहा है। इससे साफ़ हो गया है कि यह कार्यक्रम राजभर समाज के आराध्य महाराज सुहलदेव राजभर के इतिहास को गायब करने के लिए किया जा रहा है।

हम गरीब समाज के आराध्य के अपमान वाले इस कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में हार कर की समीक्षा कर रणनीति बनाने की वजह जाति धर्म और नफरत की राजनीति करने से भाजपा को परहेज करना चाहिए।

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