बलिया। “विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना” की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारोत ने बताया कि जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों के के विकास के लिए “विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना” संचालित की जा रही है ।
इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगर जैसे -बढ़ई ,दर्जी ,टोकरी बुनकर ,नाई ,सुनार ,लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची ,राजमिस्त्री एवं हस्तशिल्पयों के आजीविका के साधनों का सुदृढ़ीकरण करते हुए उनके जीवन स्तर को उन्नत किया जाएगा ।पारंपरिक कारीगरों की कौशल वृद्धि हेतु उन्हें उत्तर प्रदेश कौशल मिशन के आरपीएल से जला तक सम्भव हो सकेगा,जोड़ा जाएगा। इससे इतर ऑन जॉब ट्रेनिंग के लिए मास्टर क्राफ्ट्समैन द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत आज आच्छादित पारंपरिक कारीगरों एवं दस्तकारो को उद्यम के आधार पर कौशल वृद्धि हेतु छह दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम निशुल्क एवं आवासीय होगा। छह दिवसीय प्रशिक्षण स्थल तहसील अथवा जनपद मुख्यालय पर होगा ।
प्रशिक्षण का ट्रेड वार पाठ्यक्रम उद्योग निदेशालय में आयुक्त एवं निदेशक उद्योग की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा निर्धारित किया जाएगा ।प्रशिक्षण आईटीआई ,उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रशिक्षण केंद्र अथवा आयुक्त एवं निदेशक उद्योग द्वारा चयनित संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा ।प्रत्येक बैच में अधिकतम 25 लोग होंगे ।
उपायुक्त जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन उद्यम प्रोत्साहन केंद्र बलिया अनुराग यादव ने सूचित किया है कि इच्छुक व्यक्ति जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र बलिया में किसी भी कार्य दिवस में संपर्क स्थापित कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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