उत्तरप्रदेश के बलिया में गोंड समुदाय के सदस्यों ने मंगलवार को जाति प्रमाणपत्र को लेकर जमकर हंगामा किया. मॉडल तहसील परिसर में हजारों की संख्या में आए सदस्यों का आरोप है कि जाति प्रमाण पत्र के लिए वे डेढ़ साल से भटक रहे हैं.
एक ओर अनुसूचित जाति और जनजाति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कितने ही सरकारी प्रयास हो रहे हैं तो दूसरी ओर हालात कुछ और ही कहते हैं. ताजा मामला बलिया का है. यहां सुबह से ही गोंड समुदाय के सदस्य जमा होने लगे और दफ्तर के खुलते ही मांगें पूरी किए जाने के नारे लगने लगे. लोगों का कहना है कि सर्टिफिकेट के लिए वे डेढ़ सालों से लगातार आ रहे हैं लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला.
सदस्यों का आरोप है कि इतने वक्त में कुछ ही सर्टिफिकेट जारी हुए हैं और हजारों की संख्या में लोग अब भी सर्टिफिकेट बनने का इंतजार कर रहे हैं. बता दें कि शासनादेश के अनुसार गोंड समुदाय को जाति प्रमाणपत्र तुरंत जारी किया जाना चाहिए. समुदाय के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द सर्टिफिकेट नहीं मिले तो आंदोलन उग्र रूप से सकता है.
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