पीएम मोदी ने सुनाया किस्सा, कहा- ‘चंद्रशेखर की डर की वजह से भैरो सिंह ने कर दिया था ऐसा काम !

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जब भी पूर्व उपराष्ट्रपति और जनसंघ काल के भाजपाई नेता भैरो सिंह शेखावत से मिलते थे, तो सबसे पहले उनकी जेबें टटोलते थे। एक बार कुछ ऐसा ही नरेंद्र मोदी के सामने हुआ, तब शेखावत ने फौरन अपनी जेब खाली कर सारा सामान मोदी की जेबों में भर दिया था। मोदी उनकी इस हरकत पर शुरुआत में तो हैरान रह गए थे, पर कुछ ही क्षणों बाद उन्हें पूरा माजरा समझ आ गया था।

दरअसल, बुधवार (24 जुलाई, 2019) को नई दिल्ली में पूर्व पीएम चंद्रशेखर के जीवन पर आधारित ‘चंद्रशेखर- दि लास्ट आइकन ऑफ आइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्स’ का विमोचन हुआ। यह किताब हरिवंश और रवि दत्त वाजपेयी ने लिखी है। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पीएम मोदी के अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश मौजूद रहे।

पीएम ने इस मौके पर चंद्रशेखर से पहली बार मिलने का जिक्र करते हुए मजेदार और रोचक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, “मैं 1977 में पहली बार चंद्रशेखर जी से मिला था। एक दिन मैं और भैरव सिंह शेखावत पार्टी के काम से जा रहे थे और दिल्ली एयरपोर्ट थे। चंद्रशेखर जी भी कहीं जाने वाले थे। वह हमें दूर से दिखे, जिसके बाद शेखावत मुझे किनारे ले गए और जो भी उनकी जेब में था, वह सब मेरी जेब में डाल दिया।”

बकौल मोदी, “यह सब इतनी जल्दी था कि मुझे कुछ समझ नहीं आया। मैं सोच रहा था कि वह मेरी जेब में क्यों डाल रहे हैं? इतने में ही चंद्रशेखर जी आए और उन्होंने आते ही भैरो सिंह की जेब में हाथ डाला। वहां तब बहुत सारे लोग थे, पर मैं तब समझ गया कि चंद्रशेखर जी ने ऐसा क्यों किया।”

पीएम के मुताबिक, भैरो सिंह को पान मसाला, गुटखा और तंबाकू खाने की आदत थी, जबकि चंद्रशेखर जी इसके सख्त खिलाफ थे। जब भी भैरो सिंह मिलते, वह ये सारी चीजें कूड़े कचरे में फेंक देते, जिससे बचने के लिए भैरो सिंह ने मेरी जेब में तब अपना सामान डाल दिया था। भैरो सिंह को भविष्य में कुछ न हो जाए, इसकी चिंता चंद्रशेखर जी को सताती रहती थी, इसलिए वह ऐसा करते थे।

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