भारतीय क्रिकेट टीम में बाएं हाथ के गेंदबाज को लेकर क्रिकेट प्रबंधन की उत्सुकता तो जगजाहिर है ।भारत की बाएं हाथ के सबसे सफल गेंदबाज जहीर खान का मानना है कि अगर गेंदबाज चुनौती का सामना करने के लिए तैयार नहीं है तो उतावलापन दिखाना सही नहीं है । पिछले कई वर्षों से भारत के कई तेज बाए हाथ के गेंदबाज़ो को आजमाया गया है जिसमें बरिंदर सरन और जयदेव उनादकट के अलावा हाल ही में आजमाए गए खलील अहमद भी शामिल है। जिन्हें न्यूजीलैंड में लचर प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर कर दिया गया।
वर्तमान समय में भारत के एकमात्र बाएं हाथ के गेंदबाज खलील अहमद ने वर्षा से प्रभावित पहले वनडे मैच में 3 ओवर में 27 रन देकर भारतीय क्रिकेट टीम को काफी निराश किया है इस समय खलील अहमद के प्रदर्शन को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है। सिर्फ इतना ही नहीं उनके इस प्रदर्शन से यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरे वनडे मैच में शायद खलील अहमद को मौका ना दिया जाए।
खलील अहमद के इस प्रदर्शन के बारे में जब धाकड़ गेंदबाज जहीर खान से पूछा गया तो उन्होंने मीडिया से बताया कि अगर किसी के साथ यह वेरिएशन है तो यह आपके लिए एक फायदे की स्थिति है लेकिन आपको बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को लेकर कोई भी उत्सुकता या उतावलापन दिखाने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। यह टीम के लिए योगदान देने से जुड़ा है बाएं हाथ के तेज गेंदबाज में नैसर्गिक प्रतिभा होती है।
जब जहीर खान को यह पता चला कि अगले वनडे मैच में खलील अहमद को टीम से निकालने का विचार बनाया जा रहा है तो इस बात पर जहीर खान ने कहा कि “बाएं हाथ का तेज गेंदबाज बड़ी ही मुश्किल से तैयार होता है इस बात का ध्यान देते हुए टीम इंडिया को खलील अहमद को और भी मौके देने चाहिए”।
“यदि इसी तरह करियर की शुरुआत में ही खलील अहमद को बार-बार टीम के अंदर और बाहर किया गया तो उसका विश्वास टूट जाएगा और जब उसे टीम में वापस लिया जाएगा तो उस पर एक अतिरिक्त दबाव होगा कि कहीं उसका प्रदर्शन पिछली बार की तरह ना हो या कहीं उसे फिर से टीम से बाहर ना कर दिया जाए।
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