ओमप्रकाश राजभर का बगावती सुर, SC ST पर कोर्ट के फैसले का समर्थन किया
ईटीवी से खास बातचीत में ओपी राजभर ने सवर्ण आंदोलन को सही ठहराते हुए एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग किए जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि देश में अगर किसी के खिलाफ उत्पीड़न हो रहा है तो स्वाभाविक है कि वह आंदोलन करेगा. बाबा साहब ने एससी-एसटी एक्ट का जो प्रावधान किया था, उसमें यह व्यवस्था है कि जो दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई हो और निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई न हो. उन्होंने कहा कि अगर बनारस जिले में ही इस एक्ट में 100 एफआईआर दर्ज हुई है तो उसमें से 80 प्रतिशत मामले में फर्जी नाम डाल दिये जाते हैं.
राजभर ने कहा कि झगड़ा एक आदमी से होता है और फंस पूरा परिवार जाता है. इसलिए जो सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि मुकदमा पंजीकृत होने के पूर्व जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखा जाए जो निर्दोष हो उसके खिलाफ मुकदमा न लिखा जाये. उन्होंने कहा कि जब बहुजन समाजवादी पार्टी की सरकार यूपी में थी तो मायावती ने सीएम रहते हुए अपने कार्यकाल में इसका दुरुपयोग रोकने के लिए अध्यादेश जारी किया था.उस अध्यादेश के तहत एससी-एसटी का मुकदमा जांच के बाद ही पंजीकृत होगा और फर्जी पाए जाने पर गलत मुकदमा दर्ज करवाने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा.
अगर इसका दुरुपयोग नहीं था तो उस वक्त मायावती अध्यादेश क्यों लेकर आई. इसलिए भारतीय समाज पार्टी पूर्ण रूप से कोर्ट के फैसले के साथ है. ओमप्रकाश राजभर ने मुहावरे में कहा कि ‘जाके पैर फटे बिवाई सो ही जाने पीर पराई’. मैं तो यह कहूंगा कि जिस को दर्द होता है, उसी को समझ आता है.उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस एक्ट में जो फंसता है उसी को समझ आता है और नेताओं का क्या है, उनके परिवार का कोई फंसे तब उन्हें समझ आयेगा. राजभर ने आरोप लगाया कि नेता सिर्फ दंगा करा देते हैं और दंगा करा कर भाग जाते हैं. जब खुद मरे या फंसे तब न इनको समझ में आए. राजभर ने कहा कि हम सवर्णों के ही नहीं पिछड़ों के साथ भी हैं. हम न्याय के लिए लड़ने वाले हैं.
बीजेपी को सवर्णों की पार्टी माने जाने के एक सवाल पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अगर बीजेपी सवर्णों की पार्टी होती तो जो बैकवर्ड लोग उसमें हैं वह क्या बेवकूफ हैं. इस दौरान कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से धारा 377पर आये फैसले पर कहा कि जो फैसला कोर्ट का आया है, वह सबके लिए मान्य है. उन्होंने कहा कि जब कोई इंसान सही काम कर रहा होता है तो उसे भटकाने के लिए लोग ऐसा करते हैं , जो एक साजिश है.