बलिया का कचहरी परिसर उस समय दंगल बन गया जब कुस्री पर बैठने को लेकर अधिवक्ता और दारोगा में विवाद हो गया। इस दौरान हाथापाई में एक अधिवक्ता के हाथ में चोट लग गई। अधिवक्ताओं ने दारोगा पर पिस्टल तानने का आरोप लगाया। जिससे माहौल गर्म हो गया। और अधिवक्ता कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सीजेएम के निर्देश पर कोतवाल प्रवीण सिंह ने दारोगा को कस्टडी में ले लिया।
विवाद के बाद सुरक्षा को लेकर कचहरी में चप्प-चप्पे पर पुलिस तैनात हो गई। प्रभारी जिला जज हुसैन अहमद की पहल पर हल्दी प्रभारी द्वारा खेद व्यक्त करने पर विवाद शांत हुआ। दरअसल हल्दी थाने पर तैनात उपनिरीक्षक राधेश्याम सरोज जेएम द्वितीय राजीव रंजन मिश्रा के कोर्ट में 7 आरोपितों का न्यायिक रिमांड बना रहे थे। उसी दौरान अधिवक्ता अखिलेंद्र चौबे और विवेकानंद पांडेय से कुर्सी पर बैठने को लेकर विवाद हो गया। खबर लगते ही अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। वह दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
सीजेएम सुरेंद्र प्रसाद के निर्देश पर कोतवाल दारोगा को कस्टडी में लेकर कोतवाली चले गए। इस दौरान परिसर में काफी देर तक गहमा-गहमी बनी रही। दोपहर बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कक्ष में सचिव सिविल जज (सीडी) सर्वेश कुमार मिश्रा और प्रभारी जिला-जज हुसैन अहमद अंसारी और अपर जिला जज अरूण कुमार ने अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। जिसके बाद विवाद शांत हो गया। क्रिमिनल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एएन सिंह, अखिलेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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