10वीं के परिणाम को लेकर नाखुश छात्र, सुसाइड-हंगामे में उलझा रिजल्ट, आखिर गड़बड़ कहाँ हुई?

बलिया। सीबीएसई ने बिना परीक्षा लिए परिणाम घोषित तो कर दिया लेकिन सैकड़ों विवादों को भी पनाह दे दिया। जिले के एक प्राइवेट स्कूल पर आरोप लगाते हुए छात्र और मैनेजर का ऑडियो वायरल हुआ तो वहीं एक अन्य प्राइवेट स्कूल के छात्र ने रिजल्ट आने के अगले ही दिन आत्महत्या कर ली। अन्य कई स्कूलों के खिलाफ भी बीते कई दिनों में प्रदर्शन हुए हैं। हालांकि सीबीएसई ने अंक देने की प्रक्रिया में बताया है कि किसी को भी फेल नहीं किया जाना है। इसके बाद भी विद्यार्थियों के बीच ऐसा असंतोष सीबीएसई समेत विद्यालयों के अंक निर्धारित करने की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। क्या है मामला – बीते सप्ताह भर में दसवीं के परिणामों से नाखुश होने के बाद जिले के विद्यार्थियों के तरफ से तीन बड़ी प्रतिक्रिया आईं हैं।

1.स्कूलों के विरोध में प्रदर्शन- कोलबंस इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन : परीक्षा में कम नंबर आने से यहां के विद्यार्थी नाखुश हैं और स्कूल प्रबंधन को दोषी ठहरा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने अच्छे प्रदर्शन के बावजूद भी कम नंबर दिए, जिसके चलते उनका रिजल्ट खराब रहा। इसी बीच कोलंबस इंटरनेशनल स्कूल नगरा के गेट पर हाईस्कूल के छात्रों ने धरना भी दिया। हमने विद्यालय प्रशासन से बात करने की कोशिश की मगर उनका सार्वजनिक नंबर लगातार स्विच ऑफ आता रहा।

सेंट थॉमस स्कूल के विद्यार्थियों का जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन : नगर के सेंट थॉमस स्कूल के विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर पत्रक सौंपा। उनकी शिकायत भी अंक कम दिए जाने की है। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इन विद्यार्थियों का समर्थन भी किया। हमने विद्यालय प्रशासन से बात करने की कोशिश की मगर संपर्क नहीं हो सका। 2. ज्ञान कुंज एकेडमी के प्रधानाचार्य-प्रबंधक का ऑडियो वायरल: जिले के सिकंदरपुर में स्थित ज्ञानकुंज एकेडमी का कहा जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस ऑडियो में एक बच्चे से पहले महिला और फिर एक शख्स बात कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह ऑडियो विद्यालय की प्रधानाचार्या, प्रबंधक और छात्र के बीच का है।

पूरी बातचीत में प्रबंधक कहे जा रहे शख्स ने धमकी भरे लहज़े में छात्र को मारने पीटने तक की बात कही है। इस मसले पर हमने विद्यालय प्रशासन से भी बात करने की कोशिश की। हमारी बात विद्यालय में फिजिक्स के पीजीटी विकास मिश्रा से हुई। उन्होंने बताया, ‘देखिए, हमारे पास सभी बच्चों के रिकॉर्ड हैं। नंबर कम है तो उसका कारण है। हमने अपने स्तर से नहीं किया है। सीबीएसई की गाइडलाइन है कि साल भर में हुए सभी एक्जॉम के प्रतिशत को जोड़ कर अंक देना है। उस बच्चे का कहना है कि सिर्फ प्री बोर्ड के आधार पर नंबर चढ़ाया जाए।’

3. छात्र ने की आत्महत्या- मनःस्थली एजुकेशन सेंटर के छात्र ने की खुदकुशी : रेवती स्थित मनःस्थली एजुकेशन सेंटर से पढ़ाई कर रहे अंश कुमार ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम आने के बाद आत्महत्या कर ली। इस दौरान स्कूल के बाहर प्रदर्शन भी किया गया और प्रदर्शनकारियों ने रेवती-बैरिया मुख्य मार्ग पर धरना देते हुए सड़क को जाम कर दिया। हमने विद्यालय प्रशासन से बात करने की कोशिश की। लेकिन संपर्क नहीं हो सका।  सीबीएसई ने क्या तरीका अपनाया है: 10वीं के परिणामों के इस असंतोष को समझने से पहले आईये जान लेते हैं कि सीबीएसई ने परिणाम जारी करने के लिए विद्यालयों के लिए क्या एडवाइज़री जारी की थी।

सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार विद्यार्थी को पूर्णांक 100 में से 20 अंक इंटरनल एसेज़मेंट और 80 अंक साल के अंत में होने वाले प्री बोर्ड एग्जाम के हवाले से दिया गया। साथ ही इंटरनल एसेज़मेंट में ली गई परीक्षा की कॉपिया सीबीएसई के पोर्टलों पर अपलोड की गई। इसके अतिरिक्त बचे हुए 80 अंकों में 10 अंक यूनीट टेस्ट, 30 अंक अर्धमासिक परीक्षा और 40 अंक प्री बोर्ड की परीक्षा के आधार पर दिए गए। स्कूलों का दावा है कि उन्होंने यही प्रक्रिया अपनाई है। फिलहाल सीबीएसई की इस प्रक्रिया से साफ है कि 20 अंक विद्यालय की तरफ से इंटरनल एसेज़मेंट के आधार पर दिया जाना था।

बाकी के 80 अंकों के लिए साल भर में हुई परीक्षाओं को आधार बना कर अंक दिए गए हैं। फिलहाल सीबीएसई से 10वीं के रिजल्ट आने के बाद जिले के आधा दर्जन से अधिक बड़े प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थी सड़क पर आ चुके हैं। सवाल है कि इतनी फीस देकर भी हमारी पढ़ाई लिखाई की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि इम्तेहान हों अथवा ना हों 10वीं के परिणाम से नाखुश छात्र आत्महत्या तक कर ले रहे हैं। रिजल्ट आने के बाद आत्महत्या की यह पहली घटना नहीं है लेकिन क्या 10वीं के छात्र को आत्महत्या का ख़याल न आने दे, ऐसी कोई पढ़ाई इस कोर्स में नही जोड़ी जा सकती है?

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