लखनऊ डेस्क : यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर आज वार्डों के आरक्षण की नई नीति जारी हो सकती है. ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव के लिए चक्रानुक्रम आरक्षण लागू हो सकता है. इसके अलावा बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख के निर्वाचन क्षेत्र में आरक्षण में बदलाव संभव है.
बता दें कि 25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है. इस बार प्रदेश में 57,207 ग्राम प्रधान चुने जाएंगे. 2015 में किसी ग्राम पंचायत में प्रधान पद एससी के लिए लागू था तो इस बार उसे आरक्षित नहीं किया जाएगा. ग्राम पंचायतों की सूची में अंकित किया जाएगा कि 1995 में कौन सी ग्राम पंचायत किस वर्ग के लिए आरक्षित थी.
खर्च की सीमा तय
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 58 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं. 826 ब्लॉक है और 75 जिला पंचायतें हैं. ये सभी चुनाव बैलेट पेपर से होंगे और इसमें पार्टी का सिंबल अलाउ नहीं किया जाएगा. वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए खर्च की सीमा 4 लाख तय की गई है, और ग्राम प्रधानों के लिए खर्च की सीमा 75 हजार तय की गई है.
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