उन्नाव गैंगरेप केस में एक नया मोड़ आया है दोस्तों उस ट्रक की शिनाख्त हो चुकी है। जिससे पीड़िता का एक्सीडेंट हुआ था । आज हम आपको बताएंगे कि आखिर यह ट्रक किसकी है ? लेकिन यह बताने से पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि आखिर पूरा मामला क्या है?
दोस्तों पिछले साल उन्नाव में एक गैंग रेप हुआ था उन्नाव के विधायक कुलदीप सेंगर पर इस रेप का इल्जाम आया है जिसके कारण कुलदीप सहगल को जेल जाना पड़ा । जेल जाने के बावजूद कुलदीप सेंगर जिस पार्टी के नेता है उस पार्टी ने उन्हें अभी तक बाहर नहीं किया है ।
आपको बता दें कि कुलदीप सेंगर बीजेपी के विधायक हैं इस मामले में और भी हंगामा तब मचा जब पीड़िता के पिता को पुलिस ने उठा लिया था पुलिस कस्टडी में कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने पीड़िता के पिता को खूब मारा-पीटा जिसके कारण पीड़िता के पिता की मौत हो गई । पिता की हुई मौत के कारण पीड़िता को पुलिस सुरक्षा में रखा गया था लेकिन कुछ समय बाद पीड़िता ने सुरक्षाकर्मियों पर भी संदेह जताया ।
अब इस केस में नया मामला यह सामने आया है कि पीड़िता अपने चाचा से मिलने जा रही थी पीड़िता के साथ थे उनके वकील उनकी मौसी और उनकी चाची लेकिन रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट जिस ट्रक से हुआ था उसकी नंबर प्लेट पर कालिख लगी हुई थी।
एक्सीडेंट के बाद जब ट्रक वाला ट्रक लेकर भागने लगा तो लोगों ने ट्रक का नंबर नोट करने की कोशिश की लेकिन लोगों को वह नंबर नहीं दिखाई दिया क्योंकि नंबर प्लेट पर तो पेंट लगा हुआ था इस वजह से लोगों का शक यकीन में बदल गया कि पीड़िता का एक्सीडेंट इत्तेफाक नहीं बल्कि सोची समझी साजिश है . इस एक्सीडेंट में पीड़िता के साथ जाने वाली मौसी ,चाची और वकील की वहीं मौत हो गई लेकिन पीड़िता अभी जिंदा है पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भेज दिया गया है।
आज उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़िता से मुलाकात की । पीड़िता से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि “यह काफी दुखद दुर्घटना है इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है पीड़िता के साथ जो कुछ भी हुआ है उस ने सिर्फ प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरी देश की माताओं और बहनों को झकझोर के रख दिया । उन्होंने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि इस देश में बेटी के साथ अत्याचार होता है फिर जब वह बेटी न्याय मांगने के लिए पुलिस के पास जाती है तो उसके पिता को मार दिया जाता है लेकिन जब इस से भी उन्हें सुकून नहीं मिलता तो वे लोग उस बेटी को भी मारने का प्रयास करते हैं।
सभी को पता है कि पुलिस कस्टडी में पीड़िता के पिता को जान से मारने वाले कौन लोग हैं पीड़िता के साथ गलत करने वाले लोग कौन हैं ।उंगलियां सरकार पर उठ रही है ।बीजेपी के विधायक ने जो हरकत की है उसका जवाब आखिर कौन देगा सरकार आखिर खामोश क्यों है ?
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